
Corona virus News : कोरोना का असर नमो टैबलेट पर भी..!
सूरत.
गुजरात सरकार की योजना के अंतर्गत प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को दिए जाने वाले नमो टैबलेट से आज भी ७० हजार से अधिक विद्यार्थी वंचित हैं। ऊपर से नए साल में प्रवेश लेने वाले लाखों विद्यार्थियों का नमो टैबलेट को लेकर पंजीकरण शुरू भी नहीं हुआ है। पिछले साल मार्च में लॉकडाउन के कारण नमो टैबलेट का वितरण नहीं हो पाया था। कोरोना के कारण इस साल भी नमो टैबलेट को लेकर असमंजस की स्तिथि बनी हुई है। नमो टैबलेट जल्द विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए केसीजी ने विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालयों को आश्वासन दिया हैं।
ना टेबलेट मिले ना रुपए :
कॉलेज के प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी को सरकार की ओर से नमो टैबलेट दिया जाता हैं। इस टैबलेट के लिए विद्यार्थियों का पंजीकरण करवाकर उनसे नाम मात्र हजार रुपए फीस जमा करवाई जाती है। पिछले साल मार्च में लॉकडाउन शुरू हो जाने के कारण ७० हजार से अधिक विद्यार्थियों को अभी तक नमो टैबलेट नहीं मिल पाया है और ना ही रुपये। विद्यार्थियों ने कई बार इस मामले में विश्वविद्यालय से शिकायत की। टैबलेट के लिए जरूरी फीस भी भर दी, फिर भी उन्हें टैबलेट नहीं मिले।
इस बीच नए साल की भी प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो गई। लेकिन नए साल के विद्यार्थियों का नमो टैबलेट को लेकर पंजीकरण शुरू भी नहीं हो पाया है। टैबलेट को लेकर उठ रहे विवाद को शांत करने की लिए केसीजी ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखा है। टैबलेट से वंचित विद्यार्थियों को जल्द टैबलेट देने का और नए विद्यार्थियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है। हालांकि बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखकर नहीं लग रहा है कि विद्यार्थियों को टैबलेट जल्द मिल पायेगा। स्कूल, कॉलेज के साथ अब यूनिवर्सिटी भी बंद है। ऊपर से कोरोना के केस भी बढ़ते जा रहे हैं।
सरकार ने अपना पूरा ध्यान हाल कोरोना पर काबू पाने पर लगा रखा है। ऐसे में टैबलेट वितरण की संभावना अभी भी 'बेकाबू' नजर आ रही है।
Published on:
11 Apr 2021 09:41 pm
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