सूरत. बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई 13.26 लाख रुपए की डकैती का मामला सुलझाते हुए क्राइम ब्रांच ने उत्तरप्रदेश के रायबरेली से मुख्य सूत्रधार बिपिनसिंह समेत चार जनों को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से हथियार व नकदी समेत 1.58 लाख रुपए का सामान भी जब्l किया हैं।
पुलिस सूत्रों की माने तो उत्तरप्रदेश के अमेठी निवासी माफिया बिपिनसिंह (38) ने ही सूरत में लूट की साजिश रची थी। करीब डेढ़ साल पूर्व जेल से छूटने के बाद उसने अमेठी-रायबरेली में फेरी लगाकर साडि़यां बेचना शुरू किया। साडि़यों की खरीददारी के लिए वह सूरत आता रहता था। उसी समय उसने लूट का मन बनाया और अपने पुराने साथियों अमेठी निवासी अरबाज खान गुर्जर (21), अनुजसिंह ठाकुर (21), फुरकान शेख (21) व फरार एक अन्य को लूट की साजिश में शामिल किया।
रायबरेली से वे सूरत आए और पलसाणा में एक परिचित के यहां ठहरे। उन्होंने भेस्तान व चलथाण से दो मोटरसाइकिलें चुराई। 11 अगस्त को मोटरसाइकिलों पर सवार होकर बैंक पर पहुंचे। उन्होंने अपने चेहरे हेलमैट रूमाल से ढंक रखे थे।
पिस्तौल दिखा कर बैंककर्मियों और बैंक में मौजूद ग्राहकों को काबू किया। बैंक से नकदी बंटोर कर उनगांव स्थित आमेना अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की पार्किंग में दोनों मोटरसाइकिलें छोड़ दी और वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल भी छिपा दी। वहां से ऑटो रिक्शा में सवार होकर कडोदरा गए और वहां से रायबरेली भाग गए।
बैंक से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सचिन पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमों ने जांच शुरू की। पुलिस टीमों को लावारिस हालत में मोटरसाइकिलें मिली। ह्यूमन व टेक्निकल सर्विलांस के जरिए उनका सुराग मिला।
पुलिस टीम ने रायबरेली जाकर चारों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से मोबाइल, पिस्तौल, 1.13 लाख रुपए नकद बरामद किए है। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक की तिल्लोई शाखा में जमा किए गए एक लाख रुपए भी फि्रज करवाए है। उनके फरार साथी की तलाश जारी है।
घोड़दौड़ रोड और चलथाण में भी किया लूट का प्रयास
पुलिस ने विपिनसिंह ने सालभर पूर्व घोड़दौड़ रोड की ज्वैलरी शॉप में लूट का प्लान बनाया था। दुकान की रेकी भी की थी, लेकिन वहां भीड़भाड़ अधिक होने के कारण इरादा बदल दिया था। इस बार भी उनका इरादा ज्वैलरी शॉप में लूट का था। वे सूरत आए भी इसी लिए थे। उन्होंने चलथाण क्षेत्र की ज्वैलरी शॉप्स की रेकी की थी। वहां भी वहां लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण अंजाम नहीं दिए पाए। फिर वे घूमते हुए सचिन क्षेत्र में वांझ गांव स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र पर आए। यहां अधिक भीड़भाड़ नहीं होती थी, कर्मचारी भी कम थे और कोई सुरक्षाकर्मी भी नहीं था। इसलिए 10 को सुबह लूट करने पहुंचे लेकिन मौका नहीं मिला। फिर 11 अगस्त को सुबह 11 बजे दुबारा बैंक पर आए और इस बार वारदात को अंजाम दिया।
32 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं उत्तरप्रदेश में
पुलिस ने बताया कि माफिया बिपिनसिंह व उसके साथियों के खिलाफ उत्तरप्रदेश के अमेठी, रायबरेली समेत अन्य जिलों में लूट, डकैती, चोरी, अवैध रूप से हथियार रखने के 32 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। जिनमें उसकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है।