
न्यू सिविल अस्पताल में आखिर शुरू हो गई सीटी स्कैन सेवा
सूरत.
न्यू सिविल अस्पताल में करीब पौने दो साल से बंद सीटी स्कैन सेवा आखिरकार मंगलवार शाम चालू हो गई। डांग बस हादसे के घायलों से मिलने आए मुख्यमंत्री को विधायक हर्ष संघवी ने सीटी स्कैन का लाइसेंस मिलने में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी थी। दो दिन में एइआरबी ने न्यू सिविल अस्पताल को सीटी स्कैन मशीन चलाने का लाइसेंस दे दिया।
दक्षिण गुजरात के सबसे बड़े सरकारी न्यू सिविल अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआइ की सुविधा पौने दो साल से बंद थी। रेडियोलॉजी विभाग की सीटी स्कैन मशीन जुलाई २०१७ से बंद थी। नई मशीन को अस्पताल पहुंचे डेढ़ महीने से अधिक बीतने के बाद भी मशीन चालू करने के लिए एटोमिक एनर्जी रेग्यूलेटरी बोर्ड (एइआरबी) से लाइसेंस नहीं मिला था। विधायक हर्ष संघवी ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. गणेश गोवेकर से सीटी स्कैन चालू करवाने में आ रही दिक्कतों के बारे में पूछताछ की थी।
डॉ. गोवेकर ने बताया था कि एइआरबी का लाइसेंस नहीं मिलने से मशीन चालू नहीं हो पा रही है। हर्ष ने राज्य स्वास्थ्य सचिव पूनमचंद परमार को पत्र लिखकर सात दिन में लाइसेंस दिलाने की मांग की थी। डांग बस हादसे के घायलों को मिलने आए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मीडिया ने सीटी स्कैन चालू होने के बारे में सवाल पूछे थे। हर्ष संघवी ने रूपाणी से मुलाकात की और एइआरबी से लाइसेंस मिलने में आ रही दिक्कतों के बारे में बताया।
हर्ष ने स्वास्थ्य विभाग में पांच बार चक्कर लगाने के बाद भी मशीन चालू नहीं होने की भी जानकारी दी। मंगलवार को एइआरबी ने न्यू सिविल अस्पताल को सीटी स्कैन मशीन चलाने का लाइसेंस जारी कर दिया। लाइसेंस 21 दिसम्बर, 2018 से 21 दिसम्बर, 2023 के लिए दिया गया है। लाइसेंस की सूचना आते ही न्यू सिविल अस्पताल में मंगलवार शाम से सीटी स्कैन मशीन को शुरू कर दिया गया। सूरत गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट ने बताया कि रात आठ बजे तक चार-पांच मरीजों के सीटी स्कैन किए गए, जबकि एक-दो मरीज वेटिंग में हैं।
सेवानिवृत्त अधीक्षक के नाम जारी हुआ लाइसेंस
सूत्रों ने बताया कि न्यू सिविल अस्पताल में पौने दो साल से बंद सीटी स्कैन मशीन को चालू करने के लिए एइआरबी ने मंगलवार को लाइसेंस जारी किया। इसमें अस्पताल की ओर से आवेदन करने के तौर पर रेडियोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष तथा अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेश प्रभु वाडेल का नाम प्रस्तावित था। एटोमिक एनर्जी रेग्यूलेटरी बोर्ड ने जो लाइसेंस दिया है, उसमें डॉ. महेश प्रभु वाडेल का नाम ही दर्ज है। न्यू सिविल अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
Published on:
26 Dec 2018 10:24 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
