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साइकिल-रि-साइकिल में भी सूरत देगा दिशा

कोरोना की दस्तक से पहले शुरू हुआ था अभियान, एक बार फिर नए सिरे से प्रोजेक्ट को शुरू करने की कवायद
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सूरत

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Vineet Sharma

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Updated: 3 Jun 2023, 7:09 PM IST

साइकिल-रि-साइकिल में भी सूरत देगा दिशा

साइकिल-रि-साइकिल में भी सूरत देगा दिशा

विनीत शर्मा

सूरत. पहल छोटी सही, लेकिन परिणाम दूरगामी साबित होंगे। अपने अभिनव प्रयोगों के लिए देश में खास पहचान बना चुका सूरत अब साइकिल-रि-साइकिल प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। सूरत के साइकिल प्रेमियों ने क्लाइमेट चेंज में अपनी भूमिका सुनिश्चित करते हुए पुरानी खराब पड़ी साइिकलों को दुरुस्त कर सड़कों पर उतारने का जिम्मा लिया है। शुरुआत में शहरभर से करीब दस हजार खराब पड़ी साइकिलों को मरम्मत के बाद उसे जरूरतमंदों को देने की तैयारी है।

जलवायु में बदलाव से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने साल 2035 तक सदस्य देशों को नॉन मोटर्ड व्हीकल को प्रमोट करने का लक्ष्य दिया है। नीदरलैंड ने साइिकिलिंग को प्रमोट करने के लिए दुनियाभर में अभियान चलाया। नीदरलैंड की संस्था बीवाइसीएस ने सूरत समेत दुनियाभर के विभिन्न शहरों में बाइसिकिल मेयर नियुक्त किए। बाइसिकिल मेयर को साइकिलिंग के प्रति लोगों में नई अंतर्दृष्टि के साथ रचनात्मक विविधता लाने की जिम्मेदारी दी गई। सूरत के पहले बाइसिकिल मेयर सुनील जैन ने पहल करते हुए पुरानी साइकिलों को कबाड़ से निकालकर नया रंगरूप देने की दिशा में काम शुरू किया था। इस पर हालांकि 2017-18 में काम शुरू किया गया था, लेकिन कोरोना की दस्तक के साथ ही ब्रेक लग गया था। बाद में जैन के निधन के बाद इस प्रोजेक्ट पर भी विराम लग गया था। नए बाइसिकिल मेयर ने जैन के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट को हाथ में लिया है।

दस हजार साइकिलें उतारने की तैयारी

बाइसिकिल मेयर अनिल मरडिया ने बताया कि साइकिल-रि-साइकिल प्रोजेक्ट पर फिर काम शुरू किया गया है। इसके तहत घरों में पड़ी करीब दस हजार साइकिलों को मरम्मत कराने के बाद फिर सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए उनकी टीम घर-घर जाकर खराब पड़ी साइकिलों का डेटा एकत्र करेगी और उनसे ऐसी साइकिलें लेकर उनकी मरम्मत कराई जाएगी।

साइकिलिंग पर सरकार भी गंभीर

केंद्र के आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने साइकिल टू स्कूल प्रोग्राम शुरू किया है, जिसके पायलट प्रोजेक्ट के लिए सूरत-वलसाड को चुना गया है। वलसाड साइकिल मेयर डॉ. भैरवी जोशी ने बताया कि उनकी पहल पर वलसाड कलक्टर ने कर्मचारियों को माह के एक शनिवार साइकिल से आने की मुहिम शुरू की थी। इस पहल पर राज्यभर के जिला और स्थानीय प्रशासन ने भी अमल शुरू किया है। सूरत मनपा ने बाइसिकल शेयरिंग प्रोजेक्ट शुरू किया, जो सफल रहा है। सूरत शहर में 120 डॉक्स पर करीब 12 सौ शेयरिंग साइकिल रखी गई हैं। मनपा ने शहर के सिटीलाइट में अणुव्रत द्वार सर्कल पर साइकिल का मॉडल शिल्प भी बनाया है।

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