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बांध प्रशासन ने तापी में फिर छोड़ा पानी

तापी ने छुए दोनों किनारे, शाम चार बजे तक बांध में इनफ्लो घटा लेकिन आउटफ्लो डेढ़ लाख पार

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सूरत

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Vineet Sharma

Aug 30, 2020

बांध प्रशासन ने तापी में फिर छोड़ा पानी

बांध प्रशासन ने तापी में फिर छोड़ा पानी

सूरत. रविवार को एक बार फिर बांध प्रशासन ने तापी में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोडऩा शुरू कर दिया है। शाम चार बजे तक बांध में इनफ्लो घटकर करीब 64 हजार क्यूसेक रह गया था, लेकिन तापी में आउटफ्लो 1.59 लाख क्यूसेक से अधिक रहा। इस बीच तापी एक बार फिर दोनों किनारों को छूकर बह रही है।

पिछले कुछ दिनों के विराम के बाद उकाई बांध के कैचमेंट एरिया में हुई भारी बारिश के कारण बांध में पानी का इनफ्लो बढ़ गया था। बांध का रूल लेवल मेंटेन रखने के लिए बांध प्रशासन ने नदी में पानी छोडऩा शुरू कर दिया। पहले पानी छोड़े जाने की मात्रा एक लाख से कम थी, लेकिन सुबह दस बजे के बाद इसे बढ़ा दिया गया। सुबह आठ बजे से ही बांध प्रशासन ने करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोडऩा शुरू कर दिया था। दोपहर 12 बजे के बाद लगातार 1.59 लाख क्यूसेक से अधिक पानी तापी में छोड़ा जा रहा है।

जानकारों के मुताबिक रविवार-सोमवार रात तक यह पानी सूरत पहुंच जाएगा। इसे देखते हुए सूरत मनपा प्रशासन ने एक बार फिर दमकल टीम को अलर्ट पर रहने के आदेश दिए हैं। इस बीच सिंगणपोर कोजवे पर तापी का जलस्तर 8.58 मीटर रहा। पिछले कुछ दिनों से बांध प्रशासन ने नदी में पानी छोडऩे की मात्रा काफी हद तक घटा दी थी, तो नदी सूरत में दोनों किनारे छोड़कर बह रही थी। माना जा रहा है कि सोमवार सुबह नदी एक बार फिर दोनों किनारे छूकर बहने लगेगी। इतनी मात्रा में पानी छोड़े जाने से रिवरफ्रंट फिर पानी में डूब सकता है।

पूर्णिमा को देखते हुए लिया निर्णय!

जानकारों के मुताबिक पूर्णिमा को समुद्र से उठी लहरें तापी नदी में कोजवे तक आती हैं। इस कारण नदी का पानी समुद्र में नहीं जाता। तापी में समुद्र का पानी आने के दौरान ही नदी का अपना पानी भी बढ़ जाए तो शहर में बाढ़ के हालात बन जाते हैं। वर्ष 2006 में सूरत में आई बाढ़ का अनुभव यही कहता है। जानकारों के मुताबिक इस समय बांध से नदी में पानी छोड़े जाने की एक वजह यह भी हो सकती है कि पूर्णिमा तिथि नजदीक है। उस वक्त बांध में इनफ्लो बढ़ा तो नदी में पानी छोडऩा मुश्किल हो जाएगा। इसलिए बांध प्रशासन शायद पहले ही पानी छोड़कर इनफ्लो बढऩे पर बांध में गुंजाइश बची रहने देना चाहता है।