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गुजरात की ताकत बढ़ाएगा दांडी स्मारक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नवसारी जिले के दांडी में महात्मा गांधी से जुड़े नमक सत्याग्रह स्मारक और संग्रहालय को देश को समर्पित किया...

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Dandi memorial to increase Gujarat's strength

Dandi memorial to increase Gujarat's strength

दांडी (नवसारी)/ सूरत।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को नवसारी जिले के दांडी में महात्मा गांधी से जुड़े नमक सत्याग्रह स्मारक और संग्रहालय को देश को समर्पित किया। दांडी में 15 एकड़ में फैले नमक सत्याग्रह स्मारक को 110 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में यह स्मारक देश और दुनिया के सबसे आकर्षक स्थानोंं मेें से एक होगा। पर्यटन की दृष्टि से गुजरात को इस स्मारक से ताकत मिलने वाली है।

प्रधानमंत्री ने इससे पहले सूरत में एयरपोर्ट पर नई टर्मिनल बिल्डिंग एक्सटेंशन के भूमि पूजन और मनपा के एक हजार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट के लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। यहां सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से विकास के लिए त्रिशंकु नहीं, बहुमत वाली सरकार लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस देश ने तीस साल तक त्रिशंकु सरकार देखी हैं। उस दौरान देश के विकास की गति कमजोर हो गई थी। वर्तमान सरकार मजबूत सरकार है, जो विकास के कार्यों को अच्छी तरह आगे बढ़ा रही है। मजबूत सरकार ही कड़े फैसले कर सकती है।

ग्रामीण स्वच्छता में लक्ष्य के निकट

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में हमारी सरकार बनने से पहले ग्रामीण स्वच्छता का दायरा मात्र 38 प्रतिशत था, वह अब बढक़र 98 प्रतिशत हो गया है। इसका अर्थ है कि देश लक्ष्य के बहुत निकट है। आज खादी देश में फैशन तो बन ही चुकी है, इसके अतिरिक्त यह आजादी की कहानी बताने और महिला सशक्तीकरण का एक शक्तिशाली माध्यम भी बन रही है।

...यह सवाल देश भूलेगा नहीं

दांडी में नमक सत्याग्रह स्मारक के लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि जब गांधीजी ने सत्याग्रह के लिए नमक को चुना था तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन गांधीजी ने अपना अभियान जारी रखा, क्योंकि वह इसके महत्त्व को जानते थे। उस समय नमक के प्रयोग को छोटा समझा जाता था, उस तरह की मानसिकता देश में आज भी है। कुछ लोग सवाल करते हैं कि साफ सफाई क्या पीएम का काम है, गैस कनेक्शन देने से क्या जीवन बदलता है, बैंक खाता खोलने से क्या गरीब अमीर हो जाएगा। यह सारे सवाल देश भूलेगा नहीं। जब समाज सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ता है, तभी बड़े-बड़े संकल्प सिद्ध कर पाता है। इस साल जब हम बापू की 150वीं जयंती मनाने वाले हैं, तब तक पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त करना है।