
दीप अपहरण-हत्या मामले में 25 साल की कैद
सूरत. बहुचॢचत दीप त्रापसिया अपहरण-हत्या मामले में सात साल बाद मंगलवार को सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त राहुल रमेश कावाणी को दोषी करार दिया और उसे 25 साल की कैद की सजा सुना दी।
कापोद्रा योगीचौक की शिवदर्शन सोसायटी निवासी राहुल रमेश कवाणी पर चार साल के दीप त्रापसिया का अपहरण कर हत्या करने का आरोप था। आरोप के मुताबिक राहुल ने एम्ब्रॉयडरी मशीन खरीदने के लिए बैंक से 23 लाख रुपए से अधिक का ऋण लिया था, लेकिन उसने मशीन नहीं खरीदी और बैंक की ओर से वसूली शुरू की गई। राहुल रुपए खर्च कर चुका था। रुपयों के लिए उसने अपने किराएदार एम्ब्रॉयडरी कारखानेदार विपुल त्रापसिया के चार साल के बेटे दीप का अपहरण कर फिरौती मांगने का षडयंत्र रचा। 9 अगस्त, 2012 को जब दीप आंगन में खेल रहा था, राहुल वेफर्स दिलवाने के बहाने उसका अपहरण कर ले गया। उसने शाम साढ़े चार बजे फिरौती के लिए विपुल को फोन किया, लेकिन पकड़े जाने के डर से बातचीत किए बिना फोन काट दिया। बेटे के लापता होने पर विपुल ने कापोद्रा थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने उस ब्लैंक कॉल की जांच की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। जांच में पुलिस को पता चला कि दीप के लापता होने से पहले उसे राहुल के साथ देखा गया था और उसने दीप को दुकान से वेफर्स खरीद कर दिए थे। पुलिस ने राहुल को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने फिरौती के लिए दीप का अपहरण किया था और उसे जगदीशनगर में अपने किराए के मकान बंदी बना कर रखा। उसने फिरौती के लिए दीप के पिता को फोन किया, लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हुई और फोन काट दिया। उसे लगा कि दीप उसे पहचानता है, यदि उसे जिंदा छोड़ दिया तो वह बता देगा और उसे जेल जाना पड़ेगा। इसलिए उसने उसी शाम छह से सात बजे के बीच रस्सी से गला घोंट कर दीप की हत्या कर दी। पुलिस ने राहुल की निशानदेही पर जगदीशनगर के कमरे से दीप का शव बरामद किया था। अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया था। चार्जशीट पेश करने के बाद मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान विशेष लोकअभियोजक किरीट पानवाला और उनकी सहयोगी कु.समीरा मलेक आरोपों को साबित करने में सफल रही। मंगलवार को अंतिम सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट ने अभियुक्त राहुल कवाणी को अपहरण और हत्या के लिए दोषी मानते हुए उसे 25 साल की कैद की सजा सुनाई। दीप अपहरण-हत्या मामले ने लोगों में पुलिस और सरकार के खिलाफ आक्रोश था। इसे देख सरकार की ओर से इस मामले में विशेष लोकअभियोजक के तौर पर अधिवक्ता किरीट पानवाला की नियुक्ति की गई थी।
खुद दीप को ढूंढने में शामिल था
दीप का अपहरण करने के बाद राहुल ने जगदीशनगर के कमरे में उसकी हत्या कर दी और शव वहीं छोड़ दिया था। बेटे के लापता होने पर विपुल और उसके परिजन उसकी खोज कर रहे थे। राहुल भी उनके साथ खोज में शामिल हुआ था, ताकि उस पर किसी को शक न हो। जांच के दौरान पता चला कि आखिरी बार दीप राहुल के साथ नजर आया था। पुलिस ने उसे आशंका के आधार पर हिरासत में लिया और पूछताछ की तो पूरा मामला उजागर हो गया।
Published on:
16 Apr 2019 09:41 pm
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