
संपत्ति टैक्स 50 प्रतिशत घटाने और आइटीसी रिफंड की मांग
सूरत
फैडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स वेल्फेयर एसोसिएशन (फोगवा) ने कपड़ा उद्यमियों की समस्याओं को लेकर सोमवार को चौक बाजार से मनपा कार्यालय तक रैली निकाली और मनपा कमिश्नर को ज्ञापन दिया।
फोगवा का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद सूरत का कपड़ा उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहा है। यदि सरकार की ओर से संपत्ति टैक्स कम नहीं किया गया और बिजली की दरें नहीं घटाई गईं तो कपड़ा उद्योग महाराष्ट्र शिफ्ट हो जाएगा। हर साल मनपा की ओर से प्रोफेशनल टैक्स और लेबर टैक्स वसूला जाता है। कपड़ा उद्यमियों को इसमें भी छूट मिलनी चाहिए। इन मांगों को लेकर फोगवा के सदस्यों ने चौक बाजार में गांधी प्रतिमा से मनपा आयुक्त कार्यालय तक रैली निकाली और उन्हें ज्ञापन देकर संपत्ति टैक्स कम करने, प्रोफेशनल टैक्स तथा लेबर टैक्स हटाने की मांग की। रैली में बड़ी संख्या में वीवर्स शामिल थे। मनपा आयुक्त को ज्ञापन देने के बाद वीवर्स अग्रणी कलक्टर कार्यालय पहुंचे और कलक्टर को भी ज्ञापन दिया। इस ज्ञापन में मांग की गई कि इनुपट टैक्स क्रेडिट पर हाल ही जारी परिपत्र में क्रेडिट लेप्स शब्द के स्थान पर शुड बी कैरी फोरवर्ड किया जाए। इसके अलावा महाराष्ट्र की तर्ज पर गुजरात के वीवर्स को भी कम कीमत पर बिजली देने की मांग की गई है। साथ ही बताया गया कि गुजरात में बिजली की दर साढ़े सात रुपए प्रति यूनिट है, जबकि महाराष्ट्र में साढ़े तीन रुपए है। महाराष्ट्र में यदि महिला के नाम से उद्योग शुरू किया जाए तो पहले पांच साल तक एक रुपए यूनिट की दर से बिजली मिलती है। गुजरात में भी यह नियम अपनाया जाए। महाराष्ट्र में कैपिटल इंवेस्टमेंट में 35 प्रतिशत सब्सिडी नो कैप पर मिलती है, जबकि गुजरात में कैपिटल इंवेस्टमेंट ग्राम्य क्षेत्र में हो तो 15 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में हो तो 10 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। इस पर भी कैप लिमिट 25 हजार रुपए है। इसे हटाने की मांग की गई है।
ज्ञापन देने के दौरान अशोक जीरावाला, मयूर गोलवाला, हरि कथीरिया, प्रदीप पटेल, विष्णु पटेल, आशीष गुजराती, नीरव सभाया समेत बड़ी संख्या में वीवर्स उपस्थित थे।
Updated on:
01 Oct 2018 09:29 pm
Published on:
01 Oct 2018 09:29 pm
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