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देवी अंबिका स्वर्णजयंती महोत्सव की शुरुआत

अम्बाजी मंदिर प्रांगण में देवी पंचायतन यज्ञ प्रारम्भ, आज निकलेगी कलश यात्रा

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देवी अंबिका स्वर्णजयंती महोत्सव की शुरुआत

देवी अंबिका स्वर्णजयंती महोत्सव की शुरुआत

सूरत. शहर की अधिष्ठात्री देवी अंबिका माता के अंबाजी मंदिर की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में श्री अंबिका निकेतन ट्रस्ट की ओर से स्वर्ण जयंती महोत्सव की शुरुआत गुरुवार को देवी पंचायतन यज्ञ के साथ की गई। महोत्सव के दौरान शुक्रवार दोपहर कलश यात्रा निकाली जाएगी।
ट्रस्ट ने बताया कि पार्ले पोइंट क्षेत्र में अंबिकानिकेतन के अम्बाजी मंदिर में अष्टभुजा अंबिका माता की प्रतिष्ठा के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में गुरुवार से पांच दिवसीय स्वर्णजयंती महोत्सव की शुरुआत की गई। इस दौरान सुबह स्थापन, पूजन विधि एवं दोपहर बाद देवी पंचायतन यज्ञ व आरती का आयोजन किया गया। वहीं, शुक्रवार को कन्या पूजन, हवन, आरती, शोभायात्रा, जलयात्रा आदि के आयोजन किए जाएंगे। महोत्सव के दौरान देवी अंबिका माता के सहस्र कलशाभिषेक का आयोजन भी शनिवार को किया जाएगा। महोत्सव की पूर्णाहुति सोमवार को होगी।

विद्युत शवदाह गृह पर दिया जोर


पर्यावरण के संरक्षण व संवर्धन में महत्ती भूमिका निभाने वाले पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई को रोकने की दिशा में सराहनीय प्रयास की शुरुआत की जाएगी। इसमें मृत्यु के बाद अग्निदाह संस्कार में लकड़ी के उपयोग के बजाय विद्युत शवदाह गृह पर जोर दिया जाएगा। इस सिलसिले में 20 अक्टूबर को सुबह आठ बजे सिटीलाइट के तेरापंथ भवन में मुनि कमलकुमार समेत अन्य संतवृंद व विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस आशय की जानकारी गुरुवार दोपहर भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में सेवा फाउंडेशन व तेरापंथ महासभा ने संयुक्त रूप से दी। इसमें मुनि कमलकुमार के अलावा सेवा फाउंडेशन के अशोक गोयल, छांयड़ो के भरत शाह, तेरापंथ समाज के राजेश सुराणा, सिंधी समाज के नानकराम आदि ने भी विद्युत शवदाह गृह के फायदे पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के मद्देनजर बताए।