
कॉलेज में आधी पढ़ाई छोड़ने पर भी मिलेगा डिप्लोमा का प्रमाणपत्र
सूरत.
केन्द्र सरकार की ओर से शिक्षा क्षेत्र में नई प्रणाली को लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके अनुसार देश के सभी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को नई शिक्षा प्रणाली लागू करने के लिए सूचित किया गया है। वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय की ओर से अपनी शिक्षा में नई प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। नई प्रणाली में अब कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ने पर भी विद्यार्थियों को डिप्लोमा का प्रमाणपत्र दिया जाएगा। सभी संकाय के डीन की कमेटी ने इस संदर्भ में अपनी रिपोर्ट दे दी है। अब बस एकेडमिक काउंसिल की हरी झंडी का इंतजार हो रहा है।
हजारों विद्यार्थी ऐसे होते है जो किसी ना किसी कारण के चलते अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते है। कुछ साल व कुछ सेमेस्टर पढऩे के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को जहां तक पढ़े है वहां तक का किसी भी तरह का प्रमाणपत्र नहीं मिलता है। पिछले लंबे समय से ऐसे विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र देने की चर्चा चल रही थी। इस संदर्भ में वीएनएसजीयू ने मल्टीपल सर्टिफिकेशन प्रणाली लागू करने के लिए कमेटी को गठित किया। इस में सभी संकाय के डीन के पास से रिपोर्ट मंगवाई गई थी। सभी संकाय के डीन की ओर से रिपोर्ट विवि को भेज दी गई है। अब एकेडमिक काउंसिल की मुहर लगना बाकी है। एकेडमिक काउंसिल की ओर से मुहर लगने पर बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाले विद्यार्थियों को भी डिप्लोमा का प्रमाणपत्र मिलगा।
- मिलेगा डिप्लोमा का प्रमाणपत्र:
तीन साल का डिग्री पाठ्यक्रम होता है। इस दौरान प्रथम साल के दो सेमेस्टर के सभी विषय पास करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेशन इन कोर्स का प्रमाणपत्र मिलेगा। कॉलेज के दो साल यानी चार सेमेस्टर के सभी विषय पास करने वाले विद्यार्थी को डिप्लोमा इन कोर्स का प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसी तरह पीजी पाठ्यक्रम के प्रथम दो सेमेस्टर पास करने वाले विद्यार्थी को पीजी डिप्लोमा इन कोर्स का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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Published on:
13 Jul 2021 03:52 pm
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