
अता न पता, बांटा पीएम-सीएम के नाम का न्योता
भरुच. अता न पता और बांट दिया न्योता यानी निमंत्रण कार्ड। इसमें पता तो लिखा है लेकिन जांच की तो पते का ही पता नहीं चल पाया। यह चौंकाने वाली जानकारी भरुच से सामने आई है। यहां जाडेश्वर चौराहा के पास बताए गए आश्रम में भव्य आयोजन का जिक्र किया गया। लेकिन इसके बारे में न तो पुलिस और न ही स्थानीय लोगों को कोई जानकारी है।
14 जुलाई को होने वाले इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के आने के दावे किए जा रहे हैं। यह सूचना सामने आने के बाद पुलिस ने मुस्तैदी बरतते हुए दिनभर आश्रम की तलाश की, कार्ड में उल्लेखित किए गए आश्रम का कोई ठिकाना नहीं मिला। यह भी पता चला कि भरुच शहर के साथ वड़ोदरा तथा अन्य शहरों में इस निमंत्रण-कार्ड को वितरित किया गया। मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के आगमन का उल्लेख है।
राजस्थान पत्रिका ने भी की पड़ताल
प्रकरण सामने आने के बाद राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल कि तो ऐसा कोई आश्रम नहीं मिला। उस पर प्रकाशित महंत के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो फोन उठाकर काट दिया गया। पत्रिका ने ही भरुच पुलिस को भी इसके बारे में अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने तत्काल सी-डिवीजन पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए। एलआईबी विभाग ने आश्रम को ढूंढा तो पता गलत था। फिर पीआई आरडी कावा ने निमंत्रण-कार्ड और कार्यक्रम को भी फर्जी करार दिया।
सबने कहा, नहीं है ऐसा कोई आश्रम
जाडेश्वर क्षेत्र में आश्रम के बारे में ऑटोरिक्शा चालकों तथा पुलिस जवानों से सम्पर्क किया। सबने ऐसे किसी स्थान के बारे में अनभिज्ञता जता दी। इसके अलावा नर्मदा किनारे स्थित कई आश्रम के साधु-संतों ने भी ऐसे आश्रम को जानने से इनकार कर दिया।
फिर किसने की शरारत
अब सवाल यह उठता है कि आश्रम की ओर से एक महाराज का फोटो छापकर लोगों को प्रधानमंत्री और उत्तरप्रदेश के मुख्यनमंत्री के आने की बात कहकर कार्ड क्यों बांटा गया? कार्ड में विधिवत होने वाले सभी कार्यक्रमों की पूरी सूची दी गई है। कार्ड में सांसद व विधायकों के अलावा कई बड़े-बड़े प्रतिष्ठित लोगों का नाम भी छापा गया है। यदि यह शरारत हुई है तो किसने की? पुलिस को इसकी जांच कर दोषियों का पता लगाना चाहिए।
Published on:
07 Jul 2018 10:06 pm

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