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सूरत. घरेलू हिंसा के एक मामले में कोर्ट ने विवाहिता के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने विवाहिता की याचिका अंशत: मंजूर करते हुए भरण-पोषण और किराए के तौर पर पति को प्रति माह 1.50 लाख रुपए चुकाने का आदेश दिया है। वहीं, प्रताड़ना के लिए अलग से 11 लाख रुपए भी पति को चुकाने होंगे।
भटार क्षेत्र निवासी शीतल ने अमरीका निवासी पति मृणाल और सास तथा मौसेरी सास के खिलाफ अनीष चौकसी के जरिए कोर्ट में घरेलू हिंसा की शिकायत की थी। शीतल ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2017 में शादी के बाद से पति मृणाल, सास और मौसेरी सास तीनों प्रताडि़त करने लगे। दहेज को लेकर भी अभद्र बर्ताव करते थे। बाद में पति और सास कुछ भी बताए बिना शीतल को छोड़कर अमरीका चले गए। शीतल ने कोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाई थी कि पति भरण-पोषण का इंतजाम किए बिना ही उसे छो़ड़कर चला गया। वह अपने पीहर में रह रही है। ऐसे में भरण-पोषण और किराए के लिए 2.50 लाख तथा प्रताड़ना को लेकर 25 लाख रुपए मुआवजा चुकाया जाए। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने विवाहिता की याचिका अंशत: मंजूर कर पति को भरण-पोषण के तौर पर प्रतिमाह एक लाख रुपए, किराए के तौर पर प्रतिमाह 50 हजार रुपए और प्रताड़ना के लिए 11 लाख रुपए का मुआवजा चुकाने आदेश दिया।
Published on:
30 May 2023 09:27 pm
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