
संत रंग अवधूत पर नाटक का मंचन
सिलवासा. श्री रंग अवधूत परिवार के कलाकारों ने संत रंगअवधूत पर नाट्य मंचन किया। बाबा की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर शीश नवाया तथा आरती की। टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बाबा की जीवनी पर सुन्दर चित्रण पेश किया।
बाबा रंग अवधूत महाराज के शिष्य हजारों की संख्या में हैं। कार्यक्रम में शहर के अलावा नरोली, मसाट सहित आसपास के श्रद्धालु भी शामिल हुए। माना जाता है कि रंग अवधूत महाराज ब्रह्मज्ञान से ओतप्रोत एवं मधुर ज्ञानी थे। कलाकारों ने रंग अवधूत की जन्मलीला से लेकर निर्वाण तक नाटक के माध्यम से बखूबी बखान किया। वे एक संत के अलावा कवि भी थे। उन्होंने खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लेकर अंग्रेजी सत्ता के छक्के छुड़ा दिए थे। 1923 में उन्होंने नौकरी छोडक़र संन्यास ग्रहण किया। इसके बाद वासुदेवानंद सरस्वती को अपना गुरु बनाया। वे दत्त पथ के समर्थक थे तथा गुजरात में दत्त पंथ के प्रचार-प्रसार में श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने 19 नवम्बर 1968 को शरीर का त्याग किया था।
रोटरी और रोट्रेक्ट क्लब के नए पदाधिकारियोंं ने संभाला कार्यभार
सिलवासा. रोटरी और रोट्रेक्ट क्लब सिलवासा का स्थापना समारोह अद्वेता गुरुकुल सिली में संपन्न हुआ। समारोह में नवनियुक्त पदाधिकारियों को शपथ विधि दिलाई गई। वर्ष 2019-20 के लिए रोटरी क्लब प्रेसिडेंट पद की राधाकृष्णन नायर तथा रोट्रेक्ट क्लब के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संग्राम सिंह को दी गई है। इंस्टालिंग ऑफिसर डीजीएन रोटरी संतोष प्रधान और रोट्रेक्ट शिवानी शाह ने शपथ विधि व हस्ताक्षर करवाए। समारोह में मुख्य अतिथि सतीश गुजरान, अल्ट्रा मार्थोनर व दानह उद्योग संघ के अध्यक्ष अजीत यादव उपस्थित रहे।
Published on:
05 Aug 2019 06:31 pm
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