
budget
सूरत. मनपा के अधिकारी इन दिनों दोहरे दबाव के दौर से गुजर रहे हैं। जहां एक ओर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने का दबाव है, वित्त वर्ष 2019-20 के बजट के लिए नए प्रोजेक्ट्स तैयार करने की जद्दोजहद से जूझ रहे हैं।
सामान्य परिस्थितियों में मनपा आयुक्त नए वित्त वर्ष के लिए जनवरी माह में ड्राफ्ट बजट पेश करते हैं। मनपा प्रशासन में ड्राफ्ट बजट की कवायद काफी पहले शुरू हो जाती है। विभागीय अधिकारियों को चालू वित्त वर्ष के लिए जहां संशोधित बजट पर कवायद करनी होती है, आगामी वित्त वर्ष के बजट में लिए जाने वाले प्रस्तावों का खाका भी तैयार करना होता है।
मनपा आयुक्त ने अक्टूबर माह के शुरू में ही सर्कुलर जारी कर वित्त वर्ष 2019-20 के ड्राफ्ट बजट के लिए प्रस्तावों पर काम करने की हिदायत दी थी। उसके बाद से अधिकारियों ने चालू कामों को पूरा करने के साथ ही अपना फोकस नए वित्त वर्ष के बजट में अपने विभाग के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर दिया है। साथ ही चालू वित्त वर्ष के रिवाइज बजट के लिए भी बजट में शामिल किए गए प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की जा रही है।
आखिरी वक्त तक रिवाइज होगा बजट
अधिकारियों के मुताबिक रिवाइज बजट पर आखिरी वक्त तक कवायद जारी रहती है। जब यह साफ हो जाता है कि चालू वित्त वर्ष के बजट में शामिल प्रोजेक्ट्स पर वित्त वर्ष के अंत तक काम शुरू नहीं हो सकता, उन्हें ड्रॉप कर दिया जाता है। इसके अलावा जिन प्रोजेक्ट्स को बजट में शामिल कर लिया गया था, उनकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट अनुकूल नहीं है, उन्हें भी रिवाइज बजट में छोडऩा पड़ता है।
आयुक्त का निर्णय अंतिम
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक नए वित्त वर्ष के ड्राफ्ट बजट के लिए उनकी टीम जो प्रोजेक्ट्स तैयार करेगी, आयुक्त उसकी समीक्षा करेंगे। विभागवार बैठकों के दौर के बाद बजट में शामिल होने वाले प्रोजेक्ट्स पर अंतिम निर्णय आयुक्त ही करेंगे।
स्पील ओवर के कामों पर फोकस
बीते वर्ष की तरह इस बार भी ड्राफ्ट बजट में एक बड़ा हिस्सा स्पील ओवर के कामों का हो सकता है। विभागीय अधिकारियों की कोशिश है कि जिन प्रोजेक्ट्स पर किसी वजह से देरी के कारण काम पूरा नहीं हो पाया है, उन्हें स्पील ओवर में अगले वित्त वर्ष में ले जाया जाए। इसके अलावा कई प्रोजेक्ट्स जो दो या तीन वर्ष में पूरे होने होते हैं, उन्हें भी स्पील ओवर में ले जाया जाएगा।

Published on:
22 Oct 2018 06:06 am

बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
