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EDUCATION DEPT : बच्चों की सुरक्षा के लिए चलेगा सेफ होम-सेफ स्ट्रीट अभियान

शहर में बच्चों के खिलाफ आपराधिक मामले बढ़ते जा रहे हैं

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EDUCATION DEPT : बच्चों की सुरक्षा के लिए चलेगा सेफ होम-सेफ स्ट्रीट अभियान

सूरत.

शहर पुलिस की ओर से बच्चों की सुरक्षा के लिए सेफ होम सेफ स्ट्रीट अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पुलिस स्कूल के शिक्षकों को प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण के लिए सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। सभी स्कूलों को अनिवार्य रूप से इसमें शिक्षकों को भेजने का आदेश दिया गया है।
शहर में बच्चों के खिलाफ आपराधिक मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन पर अंकुश पाने के लिए शहर पुलिस, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और नगर प्राथमिक शिक्षा समिति की ओर से संयुक्त रूप से सेफ होम सेफ स्ट्रीट अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए 3 नवम्बर को गांधी स्मृति भवन में सेमिनार रखा गया है। सेमिनार में शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस सेमिनार में हर स्कूल से एक पुरुष और एक महिला शिक्षक को अनिवार्य रूप से भेजने का आदेश दिया गया है। प्रशिक्षण पाने वाले शिक्षकों को स्कूल में अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। शिक्षक बच्चों के अभिभावकों को भी जागरूक करेंगे। सेमिनार में शिक्षकों को बच्चों के आंतरिक अंगों की जानकारी, अच्छे और बुरे स्पर्श, अंजान व्यक्ति पर भरोसा नहीं करने, अभिभावकों से कोई बात नहीं छुपाने, विपरीत परिस्थितियों में बच्चों को क्या करना चाहिए, इसके बारे में बताया जाएगा।


एक समान शैक्षणिक कैलेंडर

शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में एक समान शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करने का निर्देश शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही जारी कर दिया था। इसके अनुसार सभी विश्वविद्यालय से संबंद्धित महाविद्यालयों में एक ही समय प्रवेश, एक समय पर परीक्षा और एक ही समय पर वेकेशन तथा अन्य छुट्टियों का नियम लागू किया गया है। अब शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों में एक समान आंतरिक मूल्यांकन प्रणाली को लागू करने का फैसला किया है। इसके अनुसार कॉमर्स, साइंस, आट्र्स और लॉ के अलावा अन्य महाविद्यालयों में एक समान आंतरिक परीक्षा का मूल्यांकन किया जाएगा।

प्रति सप्ताह एक परीक्षा
सरकारी महाविद्यालयों को प्रति सप्ताह एक परीक्षा आयोजित करनी होगी। साथ ही, एक सेमेस्टर में दो परीक्षाएं लेनी होंगी। इसके लिए विद्यार्थी को 10 में से अंक दिए जाएंगे। प्रति सेमेस्टर एक एमसीक्यू या ऑनलाइन परीक्षा लेनी होगी। इसके लिए 5 अंकों में से विद्यार्थियों का मूल्यांकन होगा। प्रति सेमेस्टर विद्यार्थी से चार एसाइनमेंट्स लेने होगे, जिसका 10 अंकों का मूल्यांकन होगा। कक्षा में उपस्थिति के 5 अंक होंगे। इस तरह 30 अंकों में से विद्यार्थियों का मूल्यांकन कर आंतरिक अंक देने होंगे। सभी कॉलेजों को इसी शैक्षणिक सत्र से आदेश का पालन करने को कहा गया है।

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