
Patrika
सूरत. सूरत जिला वकील मंडल के वर्ष 2020 के मंत्री और खजांची के पदों के लिए शनिवार को हुए चुनाव में कड़े मुकाबले के बाद मंत्री पद पर निलेश पटेल ने जीत हासिल की, जबकि खजांची पद पर अजय ढबुवाला विजेता बने। प्रमुख, उपप्रमुख और ज्वॉइंट सेक्रेटरी पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके थे। परिणामों की घोषणा के बाद कोर्ट परिसर में जश्न का माहौल हो गया। विजेता प्रत्याशियों का विजय जुलूस निकाला गया।
कोर्ट बिल्डिंग में सुबह दस बजे से मतदान शुरू हुआ। तीन हजार से अधिक सदस्यों में से 1708 सदस्यों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। मंत्री पद के लिए निलेश पटेल, चैतन्य परमहंस और भावेश आंबलिया मैदान में थे। खजांची पद पर अजय ढबुवाला, पूनम मिश्रा, वरूण पाटिल और विजय जासुद के बीच मुकाबला था। साढ़े चार बजे मतगणना शुरू हुई और साढ़े पांच बजे परिणामों की घोषणा की गई। मंत्री पद के लिए निलेश पटेल और चैतन्य परमहंस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। चैतन्य को 715 वोट मिले और महज 122 वोट की लीड के साथ निलेश पटेल ने जीत हासिल की। पटेल को कुल 837 वोट मिले, जबकि भावेश आंबलिया को 117 वोट मिले। खजांची पद के लिए हुए मतदान में सबसे अधिक 758 वोट हासिल कर अजय ढबुवाला विजेता बने। पूनम मिश्रा को 438, विजय जासुद को 242 और वरूण पाटिल को 209 वोट मिले। इससे पहले प्रमुख पद पर ब्रिजेश पटेल, उप प्रमुख नैषध जासोलिया और ज्वॉइंट सेक्रेटरी पद पर अमर पटेल को निर्विरोध विजेता घोषित किया गया था। परिणामों की घोषणा होने के साथ ही विजेता प्रत्याशियों के समर्थक अबील-गुलाल के साथ ढोल नगाड़ों पर झूम उठे। कोर्ट परिसर में आतिशबाजी के साथ विजेता प्रत्याशियों का जुलूस निकाला गया।
83 वोट नोटा में, 17 रद्द हुए
जिला वकील मंडल के विभिन्न पदों के लिए शनिवार को हुए चुनाव में कई सदस्यों ने नोटा का भी उपयोग किया। कुल तीन हजार से अधिक सदस्यों में से 1708 सदस्यों ने मतदान का उपयोग किया। इनमें से 29 सदस्यों ने मंत्री पद के लिए नोटा का उपयोग किया तो खजांची पद के लिए 54 सदस्यों ने नोटा का उपयोग किया। दोनों ही पदों के लिए हुए मतदान में कुल 17 वोट रद्द हुए।
Published on:
21 Dec 2019 08:56 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
