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रोटरडेम के साथ तकनीकी ज्ञान का एक्सचेंज होगा

यूरोपियन यूनियन ने सूरत मनपा के साथ किया करार

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सूरत

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Vineet Sharma

Mar 16, 2018

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सूरत.यूरोपियन यूनियन के इंटरनेशनल काॉ-ऑपरेशन प्रोग्राम के तहत गुरुवार को सूरत मनपा और नीदरलैंड के रोटरडेम शहर के बीच सस्टेनेबल ग्रोथ को लेकर पार्टनरशिप की गई। इस करार के बाद प्राकृतिक आपदाओं और विकास के साथ आने वाली मुश्किलों से उबरने के लिए सूरत को रोटरडेम से जरूरी तकनीक और वित्तीय सहायता मिलेगी।

बढ़ती आबादी के दबाव से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए सूरत को नई तकनीक की जरूरत रहेगी, जिससे सहूलियतें बढ़ाई जा सकें और आबादी दबाव के नकारात्मक पहलुओं से निपटा जा सके। इसके साथ ही भविष्य में पानी की बढ़ती किल्लत से निपटने और समुद्र किनारे होने के कारण जमीन के खारे होने की समस्या भी चुनौती से कम नहीं है। इन मुश्किलों से निपटने के लिए सूरत को अत्याधुनिक तकनीक की जरूरत पड़ेगी। सूरत की ओर से महापौर अस्मिता शिरोया और मनपा आयुक्त एम, थेन्नारसन तथा यूरोपियन यूनियन के भारत के प्रतिनिधि पियरो रेमीटी के बीच गुरुवार को करार किया गया।

इसके तहत आगामी दो साल तक सूरत को रोटरडेम शहर से तकनीकी और लॉजिस्टिकल सहायता मिलेगी। साथ ही विश्व की अन्य संस्थाओं के अनुभव और ज्ञान का लाभ भी सूरत को मिलेगा। विभिन्न अवसरों पर कार्यक्षमता बढ़ाने और बेहतर तरीके से हालात को काबू करने के लिए रोटरडेम प्रशासन सूरत मनपा के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी देगा। इस मौके पर मनपा के अन्य पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद थे।

सूरत समेत 12 शहरों का चयन

इंटरनेशनल कॉ-ऑपरेशन प्रोग्राम के तहत यूरोपियन यूनियन ने सूरत समेत देश के 12 शहरों का चयन किया है। इन शहरों और यूरोप के 12 देशों के बीच भागीदारी करार किया जाएगा। इनमें सूरत देश का पहला शहर है, जिसे इस प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है। सूरत और रोटरडेम शहर तकनीकी ज्ञान का एक्सचेंज करेंगे।

अनुभव का मिलेगा लाभ

समुद्र किनारे बसे होने के कारण सूरत के तटवर्ती क्षेत्र की जमीन खारी हो गई है। साथ ही तापी नदी किनारे होने के कारण गंदगी से भी जूझना पड़ रहा है। यूरोप का सबसे बड़ा बंदरगाह रोटरडेम भी रहाइन नदी के किनारे बसा शहर है। नदी शहर के नजदीक नॉर्थ सी में मिलती है। सालों पहले रोटरडेम शहर उसी हालत से गुजर रहा था, जिससे इन दिनों सूरत गुजर रहा है। रोटरडेम प्रशासन ने इन मुश्किलों से निजात पाई। इन्हीं मुश्किलों को आसान बनाने में सूरत को रोटरडेम के अनुभव का लाभ मिलेगा।

तीन मुद्दे रहेंगे अहम
-वीयर कम कोजवे के ऊपरवास में 85 किमी तक तापी शुद्धिकरण और नवीनीकरण।
-सूरत शहर में रूंढ के पास सूचित नया वीयर कम कोजवे का निर्माण।
-मिंढोला नदी में दरिया के खारे पानी के प्रवेश को रोकने के उपाय।