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प्रवासी राजस्थानियों की लेने लगे सुध

राजस्थान भाजपा व कांग्रेस दोनों के बड़े-बड़े दावे व आरोप भी  

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प्रवासी राजस्थानियों की लेने लगे सुध

प्रवासी राजस्थानियों की लेने लगे सुध

सूरत. लॉकडाउन में प्रवासी राजस्थानी समेत अन्य लोगों की परेशानी इमोशनल लेवल पर आहत करने वाली थी, लेकिन प्रेक्टिकल स्तर पर जरुरत के वक्त उनकी आंशिक मदद की मजबूरी भी थी। बहरहाल अब देश ही नहीं दुनिया के किसी कोने से प्रवासी राजस्थानियों को यहां आने में कोई दिक्कत नहीं है। प्रवासी राजस्थानियों के साथ पूरी सहानुभूति दिखाते हुए बुधवार को यह कहना राजस्थान के भाजपा व कांग्रेस नेताओं का रहा है और इस मौके पर भी एक-दूसरे पर आरोप लगाने से वे नहीं चूके।
राजस्थान पत्रिका सूरत संस्करण में सोमवार को प्रकाशित टिप्पणी ‘आज काम नहीं आए तो फिर कब?’ का व्यापक असर प्रवासी राजस्थानियों के प्रति प्रदेश भाजपा व राज्य की कांग्रेस शासित सरकार में देखने को मिला है। दोनों ही पार्टी के प्रदेश के दिग्गज नेताओं ने भी यह माना कि सूरत समेत गुजरात व देशभर में बसे प्रवासी राजस्थानी उन्हें बहुत चाहते हैं और वक्त पर खूब मान-सम्मान देते हैं। मौजूदा दौर में उनका आसभरी नजर से हमारी तरफ देखना पूरी तरह से जायज था और हमने आउट ऑफ द वे जाकर हरसंभव प्रयास भी किए, फिर भी उन्हें कई तकलीफें झेलनी पड़ी, जिसे वो भी महसूस करते हैं। पर अब सूरत, गुजरात या देश के अन्य किसी भी हिस्से से प्रवासियों के राजस्थान आने में कोई दिक्कत नहीं है। इतना अवश्य है कि कोरोना संक्रमण से जुड़ी जांच और औपचारिकता का पालन उन्हें इस दौरान अनिवार्य रूप से करना पड़ेगा।


सीएम की वीसी में खूब कड़वा बोला


बाड़मेर विधानसभा के तीन टर्म से विधायक व कांग्रेस के कद्दावर नेता मेवाराम जैन ने बातचीत में पत्रिका संवाददाता को बताया कि निसंदेह खूब तकलीफें प्रवासी राजस्थानियों को लॉकडाउन के दौरान यहां लौटने में हुई, लेकिन उनकी परेशानी को कम करने में हमारी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी गई। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ वीडिय़ो कांफ्रेंस में इतना तक बोलना पड़ा कि साहब गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटका, तमिलनाडू़ से आ रहे भाईयों का पूरा ध्यान रखना ही पड़ेगा, यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। बाड़मेर जिले में लौटे प्रवासी राजस्थानियों के लिए यहां से आउट ऑफ द वे जाकर भी हमें काम करना पड़ा और उनसे खूब खरा-खोटा भी सुनना पड़ा।

पॉलिटिकल पार्टी बना सोशल ऑर्गेनाइजेशन-डॉ. पुनिया


राजस्थान पत्रिका सूरत संस्करण में प्रकाशित टिप्पणी ‘आज काम नहीं आए तो फिर कब?’ पढ़ी और संयोग रहा कि सोमवार को ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ वीडिय़ो कांफ्रेंस भी हुई। पिछले डेढ़-दो माह में प्रदेश भाजपा ने पॉलिटिकल पार्टी होते हुए सोशल ऑर्गेनाइजेशन के रूप में कार्य किया है। यह बात राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष डॉ. सतीश पुनिया ने पत्रिका संवाददाता से बातचीत में कही। डॉ. पुनिया ने बताया कि जो वक्त बीत रहा है उसमें स्थितियां इमोशनल ज्यादा और प्रेक्टिकल कम रही। प्रदेश सरकार और ब्यूरोक्रेट्स के बीच तालमेल का ही अभाव था कि कलक्टर के छह-छह घंटे में आदेश बदलते रहे और इसका खामियाजा राजस्थान लौट रहे प्रवासियों को गुजरात समेत अन्य राज्यों की बॉर्डर पर भुगतना पड़ा। लॉकडाउन में कोरोना से सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। इसको प्रवासियों के बीच भी प्रमुखता से रखा गया। केंद्र से प्रवासियों के लिए 8 देशों की 12 फ्लाइट, सूरत, मुंबई, पुणे, बेंगलुरू, हैदराबाद, चैन्नई, कोलकाता, गुवाहाटी आदि से ट्रेन की मांग की गई है, जिन्हें व्यवस्था के साथ मंजूरी भी मिलती जा रही है। सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हुई वीसी के बाद गुजरात में रतनपुर बॉर्डर, उत्तरप्रदेश में भरतपुर बॉर्डर के अलावा रेलवे ट्रेक पर चिह्नित पोइंट पर पार्टी की मोबाइल वेन (चिकित्सा, भोजन, चप्पल, मास्क सुविधायुक्त) तैनात कर लौट रहे श्रमिकों आवश्यक सुविधाएं दी जा रही है और रेलवे ट्रेक पर नहीं चलने की सीख भी दी जा रही है। राजस्थान की गहलोत सरकार पर आरोप लगाते हुए डॉ. पुनिया ने बताया कि पहले बोलें प्रवासी राजस्थानियों को लाने के लिए चार हजार बसें लगाएंगे, फिर ट्रेनें चलाने की मांग की और जिन नॉडल ऑफीसर्स की स्टेटवार नियुक्ति की गई, उनके फोन स्विचऑफ रहे। प्रवासियों की वापसी के मामले में गहलोत सरकार के पास कोई ठोस योजना ही नहीं थी।

प्रवासियों से पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी ने साधा सम्पर्क


लॉकडाउन के दौरान राजस्थान लौट रहे प्रवासियों को हुई तकलीफों के बाद प्रदेश के भाजपा-कांग्रेस नेताओं की तंद्रा टूटने लगी है। पाली के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के सिलसिले में सूरत समेत गुजरात व देश के अन्य राज्यों में बसे प्रवासी राजस्थानियों से वीडिय़ो कांफ्रेंस के माध्यम से सम्पर्क साधा। वीसी में सांसद चौधरी ने प्रवासियों के साथ भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते उनकी घर वापसी के दौरान किए गए कार्यों के बारे में भी विस्तार से बताया और कहा कि संकट की इस घड़ी में राजस्थानी देश-विदेश में जहां कहीं भी है, वे अपनों के लिए हरसंभव सहयोग कर रहे हैं और करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को सबको मिलकर देश को विश्व गुरु बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा सभी प्रकार के उद्योगों के लिए घोषित की गई राहतों को भी अभूतपर्व बताया और कहा कि संसद में राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलवाने के मुद्दे को कई बार उठाया है और आगे भी इसके लिए प्रयास करता रहूंगा।