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Fake currency: नकली नोट बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश, 9.32 लाख के नोट जब्त कर फैक्ट्री सील

Fake currency scam: सूरत में बड़े नकली नोट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर सिटी एसओजी को बड़ी सफलता मिली है। नकली नोटों की फैक्ट्री से 500-200 के 9.32 लाख रुपए नोट व छपाई सामग्री जब्त की गई।

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सूरत

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Khushi Sharma

May 23, 2024

Fake currency

नकली नोट बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़

सूरत पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने लिंबायत इलाके में छापा मारकर एक नकली नोट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने 500 और 200 के 9.32 लाख रुपए के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली चीजें बरामद की हैं।

न्यूज चैनल की आड़ में छाप रहे नकली नोट

सूरत एएसओजी पुलिस ने सूरत हेराल्ड साप्ताहिक समाचार पत्र और एसएच न्यूज 24×4 चैनल के आरोपी मालिक रिधा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो न्यूज चैनल कार्यालय की आड़ में 9,36,100 रुपए के नकली नोटों के साथ पकड़े गए। चोरी छुपे नकली नोट छापने की मिनी फैक्ट्री चला रहे थे। यह मदीना मस्जिद के पीछे स्थित हैं जहां साप्ताहिक समाचार पत्र के साथ नकली नोट भी छापे जाते हैं।

ऐसे लोग अपने नकली नोट बनाने के काम से देश की अर्थव्यवस्था को नष्ट करने कर रहे हैं। साथ ही देश और जनता को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।

जों में तेजी लाने के लिए पुलिस पिछले दो महीनों से स्थानीय लोगों के साथ बारी-बारी वहां नजर रख रही थी। आखिरकार इस चैनल के कार्यालय जहां नोट छापने का काम चल रहा था एसओजी और पीसीबी ने वहां छापा मारकर न्यूज चैनल के मालिक फिरोज सुपडू शाह, बाबूलाल गंगाराम कपासिया और सफीक खान इस्माइल खान को नोट छापते हुए गिरफ्तार कर लिया।

इसके अलावा पुलिस को उस ऑफिस से 9 लाख के 500, 200 के डुप्लीकेट नोट मिले, साथ ही प्रिंटर, लैपटॉप, नोटों के ग्राफ भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।

गिरफ्तार आरोपी में मुख्य आरोपी फिरोज सुपडु शाह से पूछताछ करने पर उसने बताया कि इससे पहले 2015 में वह नकली नोट इकट्ठा करने के लिए झारखंड के घनबाद गया था और पुलिस ने उसे 35 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़ा था।

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पुलिस को न्यूज चैनल माइक और आईकार्ड भी मिला

छापे के दौरान पुलिस को फैक्ट्री से स्थानीय न्यूज चैनल का माइक और आईकार्ड भी मिला। आरोपी इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दे रहे थे। एसओजी टीम ने लिंबायत फिरोज सुपडु शाह उम्र 46, बाबुलाल गंगाराम कपासीया उम्र 41 और सफीकखान इस्माईलखान उम्र 53 को गिरफ्तार कर उनसे डुप्लीकेट नोट का जत्था एवं छपाई के लिए जरूरी सामग्री जब्त की है।

पूछताछ में वजह आई सामने

मुख्य आरोपी पहले भी नकली नोटों के साथ पकड़ा जा चुका है। वह दो साल तक जेल में रहा और बाद में उन्हें हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। फिर ब्याज दर बढ़ाने का लाइसेंस लिया और उसमें भी पैसा डूब गया और फिर छह महीने पहले अपना खुद का न्यूज चैनल शुरू किया तो घाटा हुआ। लड़की का ऑपरेशन भी हुआ जिसके लिए उस पर पांच लाख रुपए भी बकाया थे।

इसलिए उग्रानी उसे परेशान हो यह उपाय सोचा। उसकी मुलाकात मध्य प्रदेश में रहने वाले दो अन्य आरोपियों से हुई और उन्होंने नकली नोट छापने की योजना बनाई।

यूट्यूब से नोट छापना सीखा

    खुद यूट्यूब पर नोट कैसे छापते हैं, इसके वीडियो देखे और नोट छापने के लिए कलर प्रिंटर, स्याही, मिक्सिंग पेपर आदि खरीदे। चैनल के दफ्तर में नोट छापने का काम शुरू कर दिया था और आज जब तीनों नोट छापने के लिए उसके दफ्तर में जमा हुए तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

 हालांकि, सूरत पुलिस ने इस दिशा में जांच शुरू कर दी है कि गिरफ्तार आरोपी कितने समय से यह धंधा कर रहा है और उसने छपे हुए नोट कहां दिखाए हैं।