सरकार की जीवन सुरक्षा और जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसानों से अपील
बारडोली.
बैंक ऑफ बड़ौदा की रीजनल कार्यालय की ओर से 1 से 16 अक्टूबर के दौरान किसान पखवाड़े का आयोजन किया गया। इसके तहत शनिवार को बारडोली में किसान क्रेडिट कैम्प और किसान मार्गदशन शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 33 करोड़ रुपए के ऋण मंजूरी पत्र किसानों को दिए गए।
शिविर का उदघाटन करते हुए बड़ौदा रीजनल कार्यालय के कृषि और ग्राम्य विभाग के जनरल मैनेजर बीआर पटेल ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने किसानों की आय में वृद्धि हो इसके लिए कई कृषि योजना शुरू की गई है। किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उनको ऋण देने के लिए बैंक कटिबद्ध है। बैंकिंग सेक्टर में बैंक ऑफ बड़ौदा ने सबसे पहले किसान पखवाड़े की शुरुआत की। जिसको बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इस पखवाड़े को 31 अक्टूबर तक बढाया गया है।
उन्होंने बैंक की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने का अनुरोध किया। जोनल हेड और जनरल मैनेजर प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा सूरत और तापी जिले की अग्रणी बैंक हैं। किसान पखवाड़ा के दौरान बैंक की ओर से 181 करोड़ का ऋण मंजूर किया गया है। इसमें से 48 करोड़ का ऋण सिर्फ सूरत जिला क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा मंजूर किया गया है। उन्होंने सरकार की जीवन सुरक्षा और जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसानों से अपील की। सूरत जिला क्षेत्रीय प्रबंधक के.के. सिंह ने पखवाड़े के दौरान की गई कामकाज की विस्तार से जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. जनक राठौड़ ने खेती से जुड़ी उपयोगी जानकारी दी।
स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का लोकार्पण : 14 जिलों के आदिवासी करेंगे कार्यक्रम का विरोध
भरुच.
जिले के केवडिया कॉलोनी के पास बन कर तैयार विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लोकार्पण कार्यक्रम की जोरशोर से तैयारियों में राज्य सरकार के साथ जिला प्रशासन जुटा हुआ है। 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ पटेल के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से ड्रीम प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर आदिवासी बाहुल क्षेत्र में भारी विरोध किया जा रहा है।
झगडिया के विधायक और आदिवासी नेता छोटू वसावा ने सोमवार को झगडिया में कहा कि स्टेच्यू ऑफ यूनिटी आदिवासियों के विनाश को दावत देने वाली साबित होगी। सरकार ने पाटीदारों का वोट पाने के लिए स्टेच्यू का निर्माण किया है। सरदार वल्लभ भाई पटेल तो देश भर के हैं और इसलिए उनकी प्रतिमा का निर्माण दिल्ली में होना चाहिए जिसे देश तथा दुनिया के लोग देख सके। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव जीतने के लिए यह भाजपा का सपना है, जो कभी पूरा नहीं होगा।
नोटबंदी और जीएसटी के कारण पूरा देश परेशान है लेकिन सरकार को कोई फ्रिक नहीं है। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर को स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लोकार्पण कार्यक्रम का जोरदार विरोध किया जाएगा। प्रदेश के 14 जिलों के आदिवासी समाज इस कार्यक्रम का बहिष्कार कर विरोध का इजहार करेंगे।