
सूरत. सिग्नेचर समूह के अशोक आडवाणी ने कहा कि हमें बाहरी कारक नहीं बल्कि मन के भीतर बैठा डर ही हराता है। डर के भाव से जीत जाएं तो बाजार की मंदी से भी पार पा लेंगे।
आडवाणी दक्षिण गुजरात चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज की ओर से गुरुवार को आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। नानपुरा स्थित समृद्धि भवन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि बाजार में माहौल फिलहाल निराशाजनक है। इससे उबरना है तो आशावादी और पॉजिटिव बने रहना होगा। जीएसटी, नोटबंदी और बाजार में प्रतिस्पर्धा के कारण व्यापार कभी प्रभावित नहीं होता।
मन के भीतर बैठा डर में बाजार में मंदी और विपरीत माहौल का हौव्वा खड़ा कर देता है। एक बार इस डर को हरा दिया तो कारोबार में छाई मंदी से पार पाना आसान हो जाएगा। विपरीत कारोबारी परिस्थितियों से उबरने और कामयाबी के लिए हमें पहले डर को हराना होगा।
वीविंग सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वीविंग में चार तकनीक पर काम हो रहा है। इनमें शटल लूम, रेपियर लूम, वाटरजेट लूम और एयरजेट लूम खास हैं। उन्होंने वीविंग की चारों तकनीकों की खूबियों और खामियों को लोगों के सामने रखा।
सूरत में वीविंग सेक्टर की संभावनाओं पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सूरत के वीविंग सेक्टर के लिए रेपियर विद इलेक्ट्रॉनिक जेकर्ड बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। उन्होंने इसे टैक्सटाइल उद्योग का भविष्य बताया।
मुख्य अतिथि नानालाल सिंथेटिक्स के जयवदन बोडावाला ने कहा कि बाजार में व्यक्ति का काम बोलता है। शेक्सपियर का उदाहरण देते हुए कहा कि कामयाब होना है तो दूसरों से ज्यादा काम करो और जानकारी रखने के साथ ही अपेक्षा कम रखो।
जीएफआरआरसी के प्रमुख गिरधरगोपाल मूंदड़ा ने कहा कि इस वर्ष कपड़ा निर्यात का आंकड़ा गिरा है। इसे पूरा करने के लिए उन्नत टैक्नोलॉली का सहारा लेना होगा। सूरत के उद्यमी इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले चैम्बर प्रमुख पीएम शाह ने कहा कि सूरत वीविंग का हब है। इस मौके पर प्रफुल्ल शाह, आशीष गुजराती, महेंद्र शाह समेत अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
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