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FEE ISSUE : ढाई सौ स्कूलों ने जमा कराए फीस प्रपोजल

एफआरसी को 31 तक सबमिट किए जाएंगे

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FEE ISSUE : ढाई सौ स्कूलों ने जमा कराए फीस प्रपोजल

सूरत.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दक्षिण गुजरात के बड़े स्कूलों ने एफआरसी के समक्ष फीस प्रपोजल देना शुरू कर दिया है। अब तक 250 से अधिक विद्यालयों ने फीस प्रपोजल जमा करवा दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को 31 जुलाई तक फीस प्रपोजल जमा करने का आदेश दे रखा है। स्कूलों की फीस का विवाद समाप्त नहीं हुआ है। सूरत के साथ दक्षिण गुजरात के कई निजी स्कूल फीस के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गए थे। इससे निजी स्कूलों के खिलाफ न तो सरकार, न एफआरसी और न ही जिला शिक्षा अधिकारी किसी तरह के कदम उठा रहे हैं। शहर के कई निजी स्कूलों ने फीस नहीं भरने पर बच्चों को स्कूल के निकाल दिया, परीक्षा में नहीं बैठने दिया, एलसी तक थमा दिया था। फिर भी स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। निजी स्कूल तरह-तरह की फीस वसूल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को 31 जुलाई तक एफआरसी के समक्ष फीस का प्रपोजल भेजने का आदेश दिया था। फीस प्रपोजल उन्हीं स्कूलों को भेजना है, जो सरकार की ओर से तय की गई फीस से अधिक फीस वसूल रहे हों। दक्षिण गुजरात में सूरत जोन की एफआरसी को अब तक 250 से अधिक निजी स्कूलों ने फीस प्रपोजल भेजे हैं। एफआरसी का कहना है कि प्रपोजल आना जारी है। 31 जुलाई तक फीस प्रपोजल की संख्या बढ़ सकती है।
एफआरसी के समक्ष एफिडेविट और प्रपोजल जमा नहीं करवाए
एफआरसी को एफिडेविट और प्रपोजल के आधार पर स्कूलों की फीस तय करने का अधिकार है। निजी स्कूलों की फीस पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने एफआरसी का गठन किया था। दक्षिण गुजरात के सूरत, वलसाड, भरुच, नवसारी, तापी, नर्मदा और डांग जिलों के स्कूलों की फीस तय करने का जिम्मा सूरत जोन की एफआरसी को सौंपा गया है। पिछले दिनों मजूरा गेट के गांधी डिग्री इंजीनियरिंग कॉलेज में एफआरसी के चेयरपर्सन अशोक दवे की अध्यक्षता में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया था। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी यू.एन. राठौड़, एफआरसी सदस्य रुपिन पच्चीगर, किशोर चावड़ा, प्रशांत देसाई और जगदीश चावड़ा भी मौजूद थे। पत्रकार वार्ता में बताया गया था कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 में 123 स्कूलों ने फीस के लिए दरख्वास्त दी थी। इनमें से 55 स्कूलों की फीस तय कर दी गई। 68 स्कूलों की फीस तय की जानी है। जिन 1782 स्कूलों ने एफिडेविट जमा किए हैं, उनमें से 1578 की फीस तय कर दी गई है। 58 स्कूलों में से 25 ऐसे हैं, जिनके 71 माध्यमों में 10 हजार रुपए से अधिक की फीस कम की गई है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए 117 स्कूलों ने प्रपोजल भेजे हैं। इनमें से 91 स्कूलों की फीस तय कर दी गई है। 1383 एफिडेविट आए हैं, जिनमें से 582 की फीस तय कर आदेश दे दिया गया है। पहले राउंड में 58, दूसरे राउंड में 46 और तीसरे राउंड में 33 स्कूलों की फीस तय की गई। इनमें सूरत, वलसाड, भरुच, नवसारी, तापी, नर्मदा और डांग जिले के स्कूल शामिल हैं। जिलों में कितने निजी स्कूल हैं, इनमें कितने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूल हैं, एफआरसी के पास इसकी जानकारी नहीं थी। इनमें से कितने स्कूलों ने एफआरसी के समक्ष एफिडेविट और प्रपोजल जमा नहीं किए है, इसकी भी एफआरसी के पास जानकारी नहीं थी। आश्चर्य की बात यह थी कि जिला शिक्षा अधिकारी के पास भी ऐसे स्कूलों के आंकड़े नहीं थे। एफआरसी ने आश्वासन दिया था कि वह ऐसे स्कूलों की जानकारी जुटाएगा और कार्रवाई शुरू करेगा। पत्रकार वार्ता के तीन सप्ताह बाद एफआरसी ने सूरत जोन में आने वाले ऐसे स्कूलों की जानकारी जुटा ली है। एफआरसी के सदस्य रुपिन पच्चीगर ने बताया कि सूरत जोन के 661 स्कूलों ने अभी तक एफआरसी के समक्ष एफिडेविट और प्रपोजल जमा नहीं करवाए हैं।