
surat news : धर्मयुक्त जीवन के लिए करें अणुव्रतों का पालन : आचार्य महाश्रमण
सूरत.13 मई का दिन मेरे जन्म से जुड़ा है। 61 वर्ष पूर्व इसी दिन मैंने जन्म लिया था। जन्म लेना तो एक सामान्य बात है। जीवन क्यों और कैसे जीएं यह अधिक महत्वपूर्ण है। श्वास का आना-जाना तो मानों एक प्रणाली है। कोई आदमी के पास आए अथवा न आए, श्वास तो आती ही है।
आदमी के जीवन में धर्म, अर्थ और काम हो तो जीवन का महत्व हो सकता है। इसके बिना तो जीवन व्यर्थ है। आत्मा में लगे पूर्व कर्मों को क्षय कर अपनी आत्मा को निर्मल बनाने और मोक्ष प्राप्ति के लिए आदमी को अपना जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए।
आदमी के जीवन का लक्ष्य मोक्ष प्राप्ति का होना चाहिए। यह बातें तेरापंथ धर्म संघ के आचार्य महाश्रमण ने शनिवार को चीखली स्थित न्यू प्राइमरी स्कूल के प्रांगण में आयोजित मंगल प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि एक प्रश्न हो सकता है कि क्या इसके लिए सभी अनगार साधु बन जाएं? उत्तर है कि ऐसा तो संभव नहीं हो सकता।
एक और प्रश्न हो सकता है कि फि र मोक्ष की प्राप्ति कैसे हो? इसके लिए बताया गया कि गृहस्थ आदमी भी अपने जीवन में अणुव्रत (आगार) धर्म का पालन कर मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ सकता है। छोटे-छोटे व्रत, नियम और संकल्पों के माध्यम से आदमी अपने जीवन का कल्याण कर सकता है। जीवन में सत्य, अहिंसा, अचौर्य की साधना हो।
संयम, अहिंसा और तप से युक्त जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। गृहस्थ के जीवन में सद्भावना, अहिंसा, नैतिकता और ईमानदारी रहे। जीवन नशामुक्त हो तो क ल्याण हो सकता है। इसके पूर्व शनिवार प्रात: आचार्य महाश्रमण ने खारेल से प्रस्थान किया। चीखली में स्थित न्यू प्राइमरी स्कूल पहुंचे।
चिखलीवासियों ने भव्य स्वागत किया
आचार्य के स्वागत में स्थानीय तेरापंथी सभा अध्यक्ष रोशनलाल बोहरा, तेरापंथ महिला मण्डल की अध्यक्ष चन्द्रा चावत, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष पवन काल्या व विद्यालय के ट्रस्टी चेतनभाई ने अपनी आस्थासिक्त अभिव्यक्ति दी। तेरापंथ कन्या मण्डल व तेरापंथ महिला मण्डल ने स्वागत गीत का संगान किया। ज्ञानशाला ने अपनी अनेक प्रस्तुतियों के माध्यम से अभ्यर्थना की व भव्य स्वागत किया।
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Published on:
13 May 2023 09:39 pm
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