
फ्रेंडशिप डे विशेष : चार दोस्तों ने 40 को जोड़ा, बन गया कारवां
सूरत.
एक दूसरे के मन और विचार मिलने से दो व्यक्ति दोस्त बनते हैं। सूरत के चार युवा भी एक जैसे विचारों के कारण एक दूसरे के नजदीक आए और फिर इन चारों ने अपने जैसे चालीस युवाओं को अपने साथ जोड़ा और अब सब मिलकर समाज सेवा कार्य कर रहे हैं। इन दोस्तों का ग्रुप एक मिसाल बन चुका है।
अमित सहानी, अंकित जैन, कौशल राठी और विष्णु कॉलेज में पढ़ाई के दौरान एक दूसरे से मिले। चारों दोस्तों के विचार एक जैसे ही थे, वह समाज के लिए कुछ करना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने सबसे पहले अनाथ आश्रम में जाकर अनाथों की सेवा करना और उनके साथ समय बिताने की शुरुआत की। फिर यह इच्छा और भी अधिक तीव्र हो गई। चारों मित्रों ने गरीब और अनाथ बच्चों को शिक्षित करने के साथ उन्हें जीवन जीने के गुर सिखाने की ठान ली। उन्होंने पाठशाला नाम से ग्रुप की शुरुआत की। इसके माध्यम से उन्होंने वेसू में मनपा संचालित स्कूल में जाकर गरीब बच्चों के साथ त्योहार मनाना शुरू किया। फिर धीरे-धीरे इन बच्चों को कम्प्यूटर और अंग्रेजी की शिक्षा देने की शुरुआत की। बच्चों के साथ दीपावली, न्यू इयर और क्रिसमस आदि त्योहार मनाए। इसके लिए खुद ही सारा खर्च करते थे। मित्रों की ओर से गरीब बच्चों के लिए किए जाने वाले प्रयास को देख धीरे-धीरे कॉलेज के अन्य मित्र इसमें जुड़ते गए। धीरे-धीरे यह ग्रुप बड़ा बनता गया। इस ग्रुप में जुडऩे वाले सभी युवा एक-दूसरे के दोस्त हैं। सभी दोस्तों ने मिलकर पाठशाला ग्रुप को और भी मजबूत करने का प्रयास शुरू कर दिया। आर्थिक रुप से मजबूत होने के लिए सभी साथियों ने मिलकर शहर में कार्यक्रम आयोजित कर दान एकत्र किया। इस रकम से गरीब बच्चों की सहायता करना शुरू किया गया। आज पाठशाला ग्रुप गरीब विद्यार्थियों को 2 हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक की स्कॉलरशिप शिक्षा के लिए मुहैया करवा रहा है। ग्रुप के सभी साथी दोस्ती को बखूबी निभा रहे हैं।
Published on:
06 Aug 2018 08:52 pm
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