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श्रीजी के विसर्जन की तैयारी पूरी

पुलिस का रहेगा सख्त बंदोबस्त
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सूरत

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Vineet Sharma

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Updated: 22 Sep 2018, 9:13 PM IST

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नदियों में नहीं होगा मूर्ति विसर्जन

वापी/ नवसारी. वापी समेत वलसाड जिले व नवसारी में गणपति बप्पा को अंतिम विदाई देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अनंत चतुर्थी पर गणेश विसर्जन के साथ ही 11 दिन का यह महोत्सव संपन्न हो जाएगा।

वापी में ज्यादातर गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है। क्षेत्र में बड़ी 12 प्रतिमाओं का विसर्जन रविवार को पूरे गाजे बाजे और धूमधाम के साथ होगा। वापी में शिवसेना, टाउन में स्थापित गणपति बप्पा की बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन भव्य शोभायात्रा के साथ किया जाएगा। बडी प्रतिमाओं का विसर्जन दमण में किया जाएगा। दमण गंगा और कोलक में प्रतिमाओं का विसर्जन कम रहेगा।

पुलिस प्रशासन ने महोत्सव को संपन्न करवाने के लिए पूरी तैयारी की है। गणेश मंडलों को समय पर गणपति विसर्जन यात्रा शुरु करने के साथ रुट भी निर्धारित कर दिया गया है। डीवाईएसपी कुंपावत के मार्गदर्शन में टाउन पीआई, तीनों थाने की पुलिस, होमगार्ड और टीआरबी के जवानों को जरुरी सूचनाएं दी गई हैं। मंडलों को भी विसर्जन यात्रा के दौरान शराबियों को यात्रा में शामिल न करने, अधिक शोरगुल न करने समेत जरुरी ताकीद की गई है।

वहीं दूसरी तरफ नवसारी में भी गणेश उत्सव रविवार को संपन्न हो जाएगा। भक्तभारी हृदय के साथ भगवान गणपति को भावभीनी विदाई देंगे। गणपति विसर्जन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने भी पूरी तैयारी की है। बड़ी प्रतिमाआों का विसर्जन दांडी और उभराट के दरिया मे किया जाएगा। जानकारी के अनुसार तीन हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं की स्थापना इस वर्ष की गई थी। पूजा अर्चना के साथ साथ गणेश पंडालों में सामाजिक जागरुकता फैलाने का प्रयास भी किया गया था।

रविवार को अनंत चतुर्दशी पर गणपति बप्पा की विदाई के साथ ही 11 दिन तक चलने वाला यह महोत्सव संपन्न हो जाएगा। जानकारी के अनुसार विसर्जन यात्रा के लिए मंडलों ने ड्रेस कोड, डीजे, बैन्ड आदि की तैयारी की है। जिले में पूर्णा, अंबिका, कावेरी नदियों के अलावा दांडी और उभराट दरिया तथा बिलीमोरा बंदर पर हजारों गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। मंडलों से लेकर प्रशासन ने इस संबंध मे व्यापक तैयारी की है। विरावल में पूर्णा नदी के किनारे दो कृत्रिम तालाब भी बनाए गए हैं। इस बार घाट पर दो क्रेन भी रहेगी।

नवसारी नपा ने विरावल घाट पर लाइटिंग, सूचना बोर्ड, दमकलकर्मी के साथ नौका तथा 60 गोताखोरों को तैनात किया है। बड़ी मूर्तियों के क्रेन से विसर्जित किया जाएगा। धारागिरी और जलालपोर में भी जरुरी व्यवस्थाएं की गई हैं। इस बारे में नवसारी गणेश मंडल संगठन के प्रमुख कनक बारोट ने बताया कि पूर्णा नदी में समुद्र मे ज्वार आने से ही विसर्जन हो पाता है। इस बार नदी में पानी कम होने से बड़ी मूर्तियों के विसर्जन में दिक्कत को देखते हुए मंडलों को ऐसी प्रतिमाओं को दांडी और उभराट दरिया में विसर्जन करने के लिए समझाया गया है।

इस बार 450 बड़ी और तीन हजार छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन होने की संभावना है। पुलिस द्वारा भी गणेश विसर्जन के लिए चाक चौबंद व्यवस्था की गई है। नवसारी शहर में एसपी के साथ तीन डिप्टी एसपी, 15 पीआई, 33 पीएसआई और 900 पुलिसकर्मी व 12 सौ होमगार्ड तैनात रहेंगे। एक एसआरपी प्लाटून और होमगार्ड का भी समावेस होता है। विसर्जन रुट पर की जगहों पर विडियो कैमरे से भी निगरानी होगी।

बिलीमोरा में भी तैयारी पूरी

बिलीमोरा में भी गणपति विसर्जन की पूरी तैयारी की गई है। शहर के बंदरगाह पर गणेश विसर्जन के लिए घाट बनाया गया है। पीओपी की मूर्तियों के लिए कृत्रिम तालाब का निर्माण किया गया है। क्रेन, नौका तथा स्थानीय तैराकों सहित अन्य जरूरी सभी इंतजाम किए गए हैं। गणदेवी के बेंगणिया नदी के बंधारा पुल के पास गणदेवी नपा ने तैयारी की है। रविवार को गणदेवी में 141 और बिलीमोरा में 266 पुलिस और सुरक्षा के जवान बंदोबस्त में रहेंगे। दोनों शहरों में एक हजार से ज्यादा प्रतिमाओं का विसर्जन होगा।

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