
अब निर्वाण दिवस पर होगा गांधी मेमोरियल स्मारक का लोकार्पण
नवसारी. दांडी में नमक सत्याग्रह की याद में स्मारक का लोकार्पण महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर होना था। मानसून व अन्य कारणों से निर्धारित समय में यह प्रोजेक्ट पूरा न होने पर अब तीन महीने बाद गांधी निर्वाण दिवस पर होगा।
महात्मा गांधी ने 1930 में अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से नवसारी के दांडी की यात्रा कर नमक कानून तोड़ा था। 2005 में केन्द्र सरकार ने इस क्षेत्र को वैश्विक फलक पर पहचान दिलाने के लिए गांधी मेमोरियल प्रोजेक्ट निर्माण को मंजूरी दी। लेकिन कई वर्षों तक केन्द्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में संकलन के अभाव में यह प्रोजेक्ट लटकता चला गया।
बताया गया है कि 15 एकड़ में गांधी मेमोरियल प्रोजेक्ट के लिए मुंबई आईटीआई ने डिजाइन बनाई थी। बाद में इसे बदलकर नई डिजाइन मंजूर की गई। इसके लिए गत वर्ष केन्द्र ने सौ करोड़ रुपए का अनुदान मंजूर किया। गांधी मेमोरियल को तैयार कर दो अक्टूबर 2018 को लोकार्पण का लक्ष्य रखा गया था। मानसून के दौरान भारी बरसात व हाईटाइड के कारण प्रोजेक्ट का काम धीमा हो गया। साथ ही सीपीडब्लूडी द्वारा नियुक्त एक्जीक्यूटिव इंजीनियर पी गणेशन का कुछ दिन पूर्व तबादला भी कर दिया गया। वडोदरा के अभियंता सन्मुख नाथ को प्रोजेक्ट का प्रभारी बनाने के बाद गांधी मेमोरियल प्रोजेक्ट के निर्माण मे तेजी आई और दिसंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब प्रोजेक्ट का लोकार्पण 30 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। गांधी निर्वाण तक काम पूरा करने में सात सौ से ज्यादा मजदूरों को काम पर लगाया गया है।
यह रहेंगी विशेषताएं
दांडी में 15 एकड़ में बन रहे गांधी मेमोरियल प्रोजेक्ट के तहत गाँधी जी की पंचधातू की 15 फीट की प्रतिमा और उसके चारो ओर पिरामिड बनाकर क्रिस्टल से दीवादांडी का आकार रहेगा। दांडी कूच में गांधीजी के साथ रहे 81 पदयात्रियों की प्रतिमाएं भी लगाई जाएंगी। स्मारक में बापू को समझने के लिए पुस्तकालय, प्रवासियों के लिए रिफ्रेशमेन्ट, म्युजियम, ओडियो विडीयो रुम और एक बडा तालाब भी बनाया जाएगा। इसके आसपास बगीचा व 40 सोलर ट्री बनाया जाएगा। तालाब के नीचे क्षारीय पानी रोकने के लिए ट्राइसो प्लास्ट की परत लगाई जा रही है। तालाब के अंदर 80 किलो और किनारे 40 किलो की बेजोल्ट स्टोन लगाया जाएगा। इस स्टोन की खासियत है कि ज्वालामुखी के उपर यह लगवा दिया जाए तो उसका लावा भी बाहर नहीं निकलेगा।
मानसून के कारण काम में देरी
गांधी स्मारक की समयसीमा दो अक्टूबर तक थी। मानसून के कारण स्मारक का काम दो महीने तक बंद रहा। अब उसके काम में तेजी आई है। दो से तीन माह में पूरा होने का अनुमान है।
सन्मुख नाथ, प्रभारी एक्जीक्यूटीव अभियंता, गांधी मेमोरियल स्मारक, वडोदरा
Published on:
01 Oct 2018 10:14 pm
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