Gandhi smriti bhawan: सूरत की कलाप्रेमी जनता ने गांधी स्मृति भवन के पुनर्निर्माण (Reconstruction) की जो मांग की थी वह अब पूरी होने जा रही है। सूरत के नानपुरा इलाके में ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर बने गांधी स्मृति भवन का बुधवार को महापौर दक्षेश मवाणी ने भूमिपूजन किया।
Gandhi smriti bhawan: सूरत महानगर पालिका(Surat Municipal Corporation) की ओर से सेंट्रल जोन क्षेत्र में नानपुरा के टीमलियावाड़ में 55.07 करोड़ की लागत से साकार होने वाले गांधी स्मृति भवन का बुधवार को महापौर दक्षेश मवाणी ने भूमिपूजन किया। सूरत और राज्य भर में थिएटर से जुड़े लोगों के साथ-साथ नाटक देखने के शौकीन दर्शकों के लिए गांधी स्मृति भवन का महत्व कुछ अलग है। यह ऐतिहासिक गांधी स्मृति भवन वह जगह है जहां दिग्गज कलाकारों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। गांधी स्मृति भवन 43 साल तक गुलजार रहा। लेकिन जर्जर होने के कारण 2019 में समय के प्रवाह के साथ जीर्ण-शीर्ण नाटकशाला को गिरा दिया गया था।
गांधी स्मृति भवन सूरत की पहचान
सूरत के नानपुरा इलाके में स्थित ऐतिहासिक गांधी स्मृति भवन का बुधवार को महापौर दक्षेश मवाणी ने भूमिपूजन किया। गुजरात का एक भी बड़ा मंच कलाकार ऐसा नहीं है जिसने इस मंच पर नाटक न किया हो। सूरत के गांधी स्मृति नाट्य गृह ने शहर, राज्य और देश को कला के क्षेत्र में दिग्गजों का उपहार दिया है। गांधी स्मृति भवन के निर्माण के लिए कई बार टेंडर प्रक्रिया की गई, लेकिन कीमत काफी अधिक होने के कारण टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज गांधी स्मृति भवन का भूमिपूजन किया गया।
अब इसका पुनर्निर्माण लगभग 55.07 करोड़ की लागत से किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर इस भवन का निर्माण करने की योजना है। 886 व्यक्तियों की क्षमता वाले इस भवन को आधुनिक सुविधायुक्त बनाया जाएगा।
रंगकर्मियों का आस्था केंद्र
मेयर दक्षेश मावानी ने कहा कि थिएटर कलाकारों (theater artists) की मौजूदगी में आज गांधी स्मृति भवन का उद्घाटन किया गया है। गांधी स्मृति भवन रंगकर्मियों के लिए आस्था का केंद्र है। संबंधित विभाग को गांधीजी भवन का निर्माण कार्य यथाशीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है। रंगमंच से जुड़े सभी रंगकर्मियों को बधाई और जल्द ही गांधी भवन का काम पूरा हो जाएगा और फिर से रंगकर्मी मंच पर नाटक प्रस्तुत करेंगे। इस नए भवन को दो साल के भीतर तैयार करने की योजना है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री, रेल एवं कपड़ा मंत्रालय दर्शना जरदोश और पद्मश्री यझडी करंजिया एवं बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित थे। मुहूर्त होते ही कलाकारों ने ढोल नगाड़ों के साथ नाचकर खुशी का इजहार किया। यहां शाम को इसी जगह पर थिएटर आर्टिस्ट के साथ एक छोटी सी मीटिंग रखी गई थी।
नए भवन में क्या होगा खास
आने वाले समय में सूरत के कला प्रेमियों के लिए इस गांधी स्मृति भवन को एक नया रूप मिलेगा। नवनिर्मित गांधी स्मृति भवन में दूसरे तल पर ऑडिटोरियम सीटिंग और ग्रीन रूम, तीसरे तल पर बालकनी सीटिंग और रिहर्सल रूम और चौथे तल पर डबल हाइट ऑडिटोरियम और रिहर्सल रूम का निर्माण किया जाएगा, जबकि पार्किंग की भी बेहतरीन सुविधा बनाई जाएगी। आज तय मुर्हूत में काम शुरू होने का कलाकारों ने ढोल बजाकर और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।