
Gandhi Smriti Bhawan will be demolished and renewed
सूरत।मनपा प्रशासन नानपुरा के गांधी स्मृति भवन को ढहा कर नए सिरे से बनाने जा रहा है। इसके लिए कंसलटेंट की नियुक्ति की जानी है। स्थाई समिति की गुरुवार को होने वाली बैठक में इस पर निर्णय किया जाएगा। इसके अलावा एजेंडे में दो ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने और एक को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव भी मनपा प्रशासन ने समिति को भेजा है।
चौक के रंग उपवन के बाद मनपा प्रशासन ने ३७ साल पहले नानपुरा में गांधी स्मृति भवन का निर्माण कराया था। इसके बाद मनपा ने शहर के वराछा में सरदरा पटेल स्मृति भवन और अडाजण में संजीवकुमार ऑडिटोरियम का निर्माण कराया। अधिक सुविधा सम्पन्न नए ऑडिटोरियम बनने के बावजूद शहर के लोगों को जुड़ाव गांधी स्मृति भवन से अधिक है। इसकी एक वजह शहर के बीच होने के कारण सीधी पहुंच और लंबे समय तक अकेला ऑडिटोरियम होने की वजह से अधिकांश कार्यक्रमों का यहां होना माना जा रहा है।
बाद के वर्षों में शहर की आबादी तेजी से बढऩे और तकनीकी विकास के बाद गांधी स्मृति भवन की सुविधाओं के पुराने होने के कारण मनपा प्रशासन नए सिरे से इसका पुनर्निमाण कराना चाहता है। वर्ष २०१७ में मनपा प्रशासन ने इसके रेस्टोरेशन का काम हाथ में लेने का मन बनाया था और टेंडर प्रस्ताव मंगाए थे। उस वक्त एक ही टेंडर प्रस्ताव आने के कारण काम आगे नहीं बढ़ा। अब मनपा प्रशासन इसे पूरी तरह ढहा कर इस जगह नए सिरे से भवन का निर्माण कराने जा रहा है। इसके लिए कंसलटेंट की नियुक्ति की जानी है। मनपा प्रशासन ने इस प्रस्ताव को स्थाई समिति के एजेंडे में शामिल किया है। गुरुवार को होने वाली समिति की बैठक में इस पर निर्णय किया जाएगा।
इसके अलावा स्थाई समिति के एजेंडे में उमरवाडा क्षेत्र में १५८ बेड की क्षमता के अर्बन होमलेस सेंटर के निर्माण के प्रस्ताव को भी शामिल किया गया है। साथ ही काम में लापरवाही पर दो ठेकेदार फर्म को ब्लैक लिस्ट करने और एक ठेकेदार को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव भी मनपा प्रशासन ने दिया है। समिति की बैठक में इनके साथ ही एजेंडे में शामिल अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी।
नए भवन में यह होगा नया
गांधी स्मृति की जगह प्रस्तावित नए भवन को अत्याधुनिक साज-सज्जा से लैस किया जाएगा। पूरी इमारत अग्निरोधी और भूकंपरोधी होगी। क्षमता वृद्धि के साथ ही बालकनी का निर्माण कराया जाएगा। एनर्जी सेविंग इक्विपमेंट्स और एलइडी लाइट फिटिंग के साथ ही वाइड डिजिटल स्क्रीन, डिजिटल प्रोजेक्शन सिस्टम विद कंट्रोल रूम, इंसुलेटिंग साउंड सिस्टम और बैंक्वेट हॉल इसके खास आकर्षण होंगे। फिलहाल गांधी स्मृति भवन आने वाले लोगों के लिए पार्किंग सबसे बड़ी समस्या है। इससे निपटने के लिए प्रस्तावित भवन में पार्किंग के लिए दो फ्लोर का प्रावधान रखा गया है।
Published on:
02 May 2018 09:25 pm
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