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150th birth anniversary of Mahatma Gandhi; गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक

गांधीजी की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है। भारत समेत पूरा विश्व उनके शांति और अहिंसा को वैश्विक शांति के लिए जरूरी मान रहा है। गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राजस्थान पत्रिका से साझा किए लोगों ने अपने विचार। Gandhiji's ideology is still relevant today. The whole world, including India, considers their peace and non-violence necessary for global peace. People shared their views from Rajasthan Patrika on the eve of Gandhi Jayanti.

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सूरत

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Sunil Mishra

Oct 01, 2019

150th birth anniversary of Mahatma Gandhi; गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक

150th birth anniversary of Mahatma Gandhi; गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक


वापी. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर दक्षिण गुजरात में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। गांधीजी की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है। भारत समेत पूरा विश्व उनके शांति और अहिंसा को वैश्विक शांति के लिए जरूरी मान रहा है। गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राजस्थान पत्रिका से साझा किए लोगों ने अपने विचार।

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गांधी विचारधारा अमर है
महात्मा गांधी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितना उनके जीवन काल में थे। बल्कि यूं कहें कि उन्होंने जो सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सादगी का संदेश दिया था, आज पूरा विश्व उसके महत्व को मान रहा है। वर्तमान समय में गांधी विचारों की प्रासंगिकता बढ़ गई है। आज सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान पूरे देश में जोर शोर से चलाया जा रहा है, भारत समेत पूरा विश्व उनके शांति और अहिंसा को वैश्विक शांति के लिए जरूरी मान रहा है। गांधीजी की विचारधारा अमर है। हालांकि जिस तरह से उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है वह दु:खद है। इसके लिए जरूरी है कि स्कूल-कॉलेजों में गांधीजी से जुड़ी साहित्यिक सामग्री बांटी जाए और उनके विचारों का प्रसार प्रसार उनके विद्यार्थियों और लोगों के बीच हो। अभी तक मंैने सौ से ज्यादा लोगों को गांधीजी से जुड़ी पुस्तकें भेंट में दी हैं।
निमेश वशी

विश्व शांति के लिए जरूरी है गांधी विचारधारा
गांधीजी जैसा महामानव हमेशा नहीं जन्म लेते हैं। उन्होंने सत्य और अंहिसा के साथ वैश्विक भाईचारा का जो संदेश दिया उसकी प्रासंगिकता आज ज्यादा बढ़ गई है। आज नहीं तो कल सभी को महात्मा गांधी के सत्य एवं अहिंसा के रास्ते पर चलना ही होगा। सर्वधर्म समभाव की भावना और मानवप्रेम के प्रति निष्ठा और सत्यपथ पर निडरता से चलने के गुण से वे लोगों के दिलों में महात्मा और राष्ट्रपिता के रूप में बसे हैं। उनके विचारों को वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरे विश्व में फैलाने का कार्य कर रहे हैं। पहली कक्षा से लेकर दसवीं तक की पाठ्यपुस्तकों में कोई न कोई पाठ्यक्रम गांधीजी से जुड़ा होना चाहिए। इससे बच्चों को उनके और विचारों के बारे में जानकारी मिलेगी। कुछ साल पहले आई मुन्नाभाई एमबीबीएस जैसी फिल्म ने भी गांधीजी के प्रेम और अहिंसा के विचारों के महत्व से लोगों को अवगत कराने का काम किया।
रफीक लोलाडिया, शिक्षाविद् (सचिव, मॉडर्न स्कूल )

गांधी विचारों को आत्मसात करने की जरूरत
नई पीढ़ी को आज गांधीजी के बारे में जानने की जरूरत है और वे जानने की कोशिश भी कर रहे हैं। महात्मा गांधी ने हमेशा सही राह दिखाई और सच्ची बात बताई। सत्य, अहिंसा, सादगी और स्वच्छता को लेकर जो वे कहते थे वह उनके आचरण में भी दिखता था। लेकिन दुर्भाग्य है कि पूरा विश्व जिसे हीरो मानता है, अपने ही देश मे उनके विचारों को आत्मसात करने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। जबकि आज इसकी ज्यादा जरूरत है। राजनीतिक दलों द्वारा गांधी जयंती मनाकर दिखावा की बजाय उनके आदशों को आत्मसात करने की जरूरत है। पूरे विश्व में शांति गांधीजी के बताए अहिंसा और सत्य के रास्ते से ही मिलेगी। संसद तक में झूठ बोलने से परहेज न करने वाले नेताओं और समाज के लोगों को यह बात समझनी होगी।
सुधीर देसाई, वापी