
GANESH MAHOTSAV : विघ्नहर्ता के भक्त प्रदूषण विघ्न के प्रति हो रहे जागरूक, मिट्टी की प्रतिमा का बढ़ रहा चलन
शहर में गणेश महोत्सव की रौनक देखी जा रही है। जगह-जगह पंडाल तैयार हो रहे हैं। दूसरी ओर मूर्तिकार प्रतिमाओं को आखिर रूप देने में व्यस्त है। 19 सितम्बर को गणेशजी की विधिवत स्थापना के साथ गणेश महोत्सव का आगाज हो जाएगा। शहर के भागल, कोटसफिल रोड़, भागा तलाव, अडाजन, रांदेर, घोड़दौड़ रोड, वेसू, सिटी लाइट, पर्वत पाटिया, डिंडोली, लिंबायत, उधना, वराछा और कतारगाम में कई जगहों पर प्रतिमाओं के स्टॉल लगे हुए हैं। इनमें एक फीट से 5 फीट तक की प्रतिमाएं नजर आ रही है। मूर्तिकारों का कहना है कि सभी प्रतिमाएं मिट्टी से बनाई गई है।
- बदला नजरिया :
शहर में पहले जगह-जगह पीओपी की प्रतिमाएं स्थापित की जाती थी। इन प्रतिमाओं को तापी में विसर्जित किया जाता था। जिससे तापी में प्रदूषण फैलने की शिकायत होने लगी थी। धीरे-धीरे जनता को मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने की अपील की जाने लगी। श्रद्धालु भी पीओपी से फैलने वाले प्रदूषण को समझने लगे और नतीजा यह आया कि अब ज्यादातर स्टॉल पर मिट्टी की प्रतिमा देखने को मिल रही है। मूर्तिकारों का कहना है कि अब बन रही मिट्टी की प्रतिमाएं आसानी से पानी में पिघल जाती है। साथ ही इसमें इको फ्रेंडली रंगों का उपयोग किया जाता है, जिससे पानी भी दूषित नहीं होता है।
- एक लाख प्रतिमाएं होगी स्थापित :
शहर में 15 हजार के आस-पास बड़े पंडाल स्थापित हो रहे हैं। साथ हजारों की संख्या में छोटे पंडाल हैं। इन सभी में बड़ी संख्याओं में मंगल मूर्ति स्थापित होगी। साथ घरों में भी हजारों परिवार गणेशजी की स्थापना करने वाले हैं। इन सभी को मिलाकर 80 हजार से एक लाख प्रतिमाएं स्थापित होगी, इनमें मिट्टी की प्रतिमाओं की संख्या अधिक होगी।मूर्तिकारों का कहना है कि पहले कुछ बंगाल के कारीगर ही मिट्टी की प्रतिमा बनाते थे, लेकिन महोत्सव के प्रति बढ़ती जागरुकता को देखते हुए सूरत व महाराष्ट्र के मूर्तिकार भी मिट्टी की प्रतिमा बनाने लगे हैं।
- 1500 से 5000 मूल्य की प्रतिमाएं :
गणेश भक्त अब मिट्टी की प्रतिमा की मांग करने लगे हैं। इसलिए कुछ सालों से मिट्टी की प्रतिमाओं को बनाने की संख्या बढ़ा दी गई है। मिट्टी की प्रतिमा 1500 से 5000 रुपए तक होती है। प्रतिमाओं को सजाने के पीछे लगी लागत के अनुसार कीमत तय होती है। इस बार भक्त मिट्टी की ही प्रतिमा मांग रहे हैं।
- पूनम कोरे, मूर्तिकार
Published on:
22 Sept 2023 08:52 pm
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