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Ganesh Ustav; सड़कों पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, ढोल-नगाड़ों के साथ धूमधाम से निकाली गई विसर्जन यात्रा

Ganesh ustav; 21 कृत्रिम तालाबों और तीन घाटों पर देर रात तक जारी रहा विसर्जन

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Ganesh Ustav; सड़कों पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, ढोल-नगाड़ों के साथ धूमधाम से निकाली गई विसर्जन यात्रा

Ganesh Ustav; सड़कों पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, ढोल-नगाड़ों के साथ धूमधाम से निकाली गई विसर्जन यात्रा

सूरत. दस दिन पूजा-अर्चना के बाद अनंत चतुर्थी पर भक्तों ने नम आंखों से गणपति को विदाई दी। सुबह बारिश के कारण विसर्जन यात्रा देर से शुरू हुई। बारिश रुकते ही विभिन्न गणेश आयोजक मंडल पंडालों से प्रतिमाएं लेकर निकले और सड़कों पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। 'गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकरयाÓ के जयकारों से माहौल गणेशमय हो गया। मनपा प्रशासन की ओर से प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 21 कृत्रिम तालाबों के निर्माण के साथ डूमस तथा हजीरा ओवारा पर व्यवस्था की गई थी। सुबह से शुरू हुआ विसर्जन देर रात तक जारी रहा।

GANAPATI VISARJAN; विदाई ऐसी कि आसमान भी रोया


हर साल की तरह इस बार भी शहर में छोटी-बड़ी 70 हजार से अधिक प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। गुरुवार सुबह अनंत चतुर्थी पर विसर्जन यात्रा शुरू होती, इससे पहले झमाझम बारिश से शहर पानी-पानी हो गया। निचले इलाकों तथा सड़कों पर पानी भर जाने से विसर्जन यात्रा देर से शुरू हुई। दोपहर 12 बजे तक राजमार्ग के आस-पास बेगमपुरा, महिधरपुरा, सुमुल डेयरी रोड, लाल दरवाजा, सैयदपुरा, गोलवाड़ आदि के गली-मोहल्लों में स्थापित भीमकाय प्रतिमाएं भागल चौराहे पहुंचने लगीं। शाम होते-होते सिनेमा रोड से चौक बाजार के बीच प्रतिमाओं की कतार लग गई और राजमार्ग हजारों श्रद्धालुओं से अट गया। यही हाल रिंग रोड, उधना-मगदल्ला रोड, वीआइपी रोड पर रहा। गणपति विसर्जन शोभायात्रा देखने के लिए डूमस रोड पर भारी संख्या में श्रद्धालु दिनभर जमा रहे। यात्रा के दौरान प्रतिमा के आगे श्रद्धालु नाचते-गाते और आतिशबाजी करते हुए चले। सुबह दस बजे भागल चौराहे पर साधु-संतों, पुलिस आयुक्त हरेकृष्णा पटेल, पूर्व पुलिस आयुक्त सतीष शर्मा, मेयर डॉ.जगदीश पटेल और गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने सबसे पहले पहुंचने वाले गणेश आयोजक मंडल का स्वागत किया। लगातार दूसरे साल तापी नदी में प्रतिमाओं के विसर्जन पर प्रतिबंध था। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मनपा की ओर से पांच फीट तक की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 21 कृत्रिम तालाबों का निर्माण किया गया था। बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए डूमस ओवारे, कादी फलिया ओवारे और हजीरा जेटी पर व्यवस्था की गई थी। शाम छह बजे तक कृत्रिम तालाबों और ओवारों पर 45 हजार प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका था। विसर्जन प्रक्रिया देर रात जारी रही।

झमाझम बारिश का भक्तों के जोश पर असर नहीं

शहर में बुधवार रात से ही तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। इससे श्रीजी के विसर्जन को लेकर भक्त चिंतित थे, लेकिन गुरुवार सुबह से दोपहर तक झमाझम बारिश से उनके जोश पर कोई असर नहीं पड़ा। बारिश थमने के बाद दोपहर बाद विसर्जन यात्राओं का सिलसिला तेज हो गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में सूरत समेत दक्षिण गुजरात में तेज बारिश की चेतावनी दी है। अरब सागर पर लो प्रेशर सिस्टम डेवलप होने से केरल से दक्षिण गुजरात तक मानसून फिर सक्रिय हुआ है। बुधवार रात बड़ी संख्या में भक्त श्रीजी के दर्शन करने निकले। बारिश के बावजूद उनका उत्साह कम नहीं हुआ। गुरुवार सुबह से दोपहर 12 बजे तक सेंट्रल जोन में ५६ मिमी, रांदेर जोन में 24 मिमी, कतारगाम जोन में २७ मिमी, वराछा जोन में ३१ मिमी, उधना जोन में ३७ मिमी, लिम्बायत 39 में मिमी और अठवा जोन में ७८ मिमी बारिश हुई। शहर का अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री और न्यूनतम 24.4 डिग्री दर्ज किया गया। हवा में नमी ८९ प्रतिशत और गति 3 किमी प्रति घंटा रही।