
GANGAUR NEWS: ...ईसर-गौर को मनाने का दौर कल से प्रारम्भ
सूरत. प्रवासी राजस्थानी बहुल इलाकों में सोमवार धूलेटी की सुबह से ही गणगौर पूजा के पारम्परिक लोकगीतों की गूंज सुनाई देने लगेगी। कोरोना महामारी के बीच सोलह दिवसीय गणगौर पर्व के दौरान विधिविधान से ईसर-गौर को मनाने की लोक परम्परा शहर के कई इलाकों में सोमवार से दिखाई देने लग जाएगी।
सोलह दिवसीय गणगौर पर्व के दौरान प्रवासी राजस्थानी महिलाएं, युवतियां व किशोरियां ईसर-गौर के गीत गाकर अपने पति के शिव समान होने व उनके दीर्घायु होने की आकांक्षा शिव-पार्वती से व्यक्त करना सोमवार से ही प्रारम्भ कर देगी। गणगौर पर्व में अधिक उत्साह के साथ युवतियां और नवविवाहिताएं शामिल होने की तैयारियां भी करने लगी है। शहर के टीकम नगर, परवत पाटिया, गोडादरा, पूणागांव, उधना, भटार, अलथाण, घोडदौड़ रोड, सिटीलाइट, न्यू सिटीलाइट, वेसू समेत अन्य कई क्षेत्रों में स्थित सोसायटी-अपार्टमेंट में गौर ए गणगौर माता, खोल ए किंवाड़ी...जैसे गीतों का गूंजन सोमवार से गणगौर पूजन के दौरान सुनाई देने लगेगा। गणगौर पूजा की शुरुआत धूलेटी सोमवार से होने लगेगी और इसमें पहले युवतियां व महिलाएंं होलिकादहन की राख से पिंडियां बनाकर उनकी पूजा स्थल पर स्थापना करेगी। इसके बाद वे सभी समूह में एकत्र होकर सोसायटी-अपार्टमेंट के आसपास के बाग में हरी दूब चुनने जाएगी। इस दौरान भी पारम्परिक गीत युवतियां-किशोरियां गाएगी। गणगौर पूजा के इस दौर में शीतला सप्तमी के बाद अन्य आयोजन बिंदोळे, गुडला सवारी आदि भी शामिल हो जाएंगे।
-मीठी-मीठी होगी शुरुआत
सोमवार को धूलेटी से ही गणगौर की मीठी-मीठी शुरुआत हो जाएगी और कुछ दिन बीतने पर यह पर्व पूरे रंग में आ जाएगा। शुरुआत में होलिकादहन की राख से निर्मित पिंडियों की पूजा-अर्चना विभिन्न गीतों के माध्यम से की जाएगी और कोरोना महामारी को ध्यान में रख सोशल डिस्टेंस, मास्क व सेनेटाइजेशन का अनिवार्य रूप से पालन किया जाएगा।
डॉली मुंदड़ा, सदस्य, वीआर फ्रेंड्स सर्कल
Published on:
27 Mar 2021 09:14 pm

