
General coach reduced by three Puri Express, passengers' problems will increase
सूरत।पश्चिम रेलवे ने ग्रीष्मावकाश शुरू होने से पहले अहमदाबाद और ओखा से पुरी जाने वाली तीन ट्रेनों में जनरल कोच हटाने का निर्णय किया है। इन तीनों ट्रेनों में बारह महीने भीड़ रहती है। इनसे जनरल कोच हटाने का ठोस कारण नहीं बताया गया है।
सूत्रों के अनुसार सूरत समेत दक्षिण गुजरात में रहने वाले अन्य राज्यों के लोग ग्रीष्मावकाश में गांव जाते हैं और छुट्टियां खत्म होने के बाद लौटते हैं। मुम्बई, अहमदाबाद और सूरत से शुरू होने वाली रेग्यूलर गाडिय़ां चार माह पहले ही ओपनिंग के साथ हाउस फुल हो चुकी हंै। नियमित ट्रेनों में वेटिंग काफी बढऩे के बाद पश्चिम रेलवे ने होलीडे स्पेशल गाडिय़ां चलाने की घोषणा की है। मुम्बई से लखनऊ, छपरा, रीवा, जम्मू, नई दिल्ली, अजमेर , जयपुर समेत कई अन्य बड़े शहरों के लिए होलीडे स्पेशल चलाने की व्यवस्था की गई है।
दूसरी तरफ पश्चिम रेलवे ने अहमदाबाद तथा ओखा से पुरी जाने वाली तीन ट्रेनों में जनरल कोच घटाने का निर्णय कर सभी को चौंका दिया। सूत्रों के अनुसार १२८४४/१२८४३ अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस में पुरी से ८ मार्च तथा अहमदाबाद से १० मार्च से एक जनरल कोच घटाने का निर्णय किया गया है। इसी तरह १८४०२/१८४०१ ओखा-पुरी एक्सप्रेस में पुरी से ११ मार्च तथा ओखा से १४ मार्च से एक जनरल कोच घटाने का निर्णय किया गया है। १८४२२/१८४२१ अजमेर-पुरी एक्सप्रेस को पुरी से आठ मार्च से तथा अजमेर से १३ मार्च से एक जनरल कोच कम कर चलाया जाएगा। एक-एक जनरल कोच घटाने के बाद अब यह गाडिय़ां 22 डिब्बों के साथ चलाई जाएंगी, जबकि लम्बी दूरी की ट्रेनों में अधिकतम २४ डिब्बे लगाए जा सकते हैं। रेल अधिकारियों ने पुरी एक्सप्रेस से जनरल कोच घटाने के बारे में कोई ठोस वजह नहीं
बताई है।
सप्ताह में छह दिन होगा असर
१२८४४ अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस, अहमदाबाद से सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार और शनिवार को चलती है। वहीं १८४०२ ओखा-पुरी एक्सप्रेस ओखा से बुधवार को चलती है, जबकि १८४२२ अजमेर-पुरी एक्सप्रेस, अजमेर से सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को रवाना होती है। छह दिन इन तीन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को एक जनरल कोच कम मिलेगा। इन ट्रेनों में बारह महीने इतनी भीड़ होती है कि द्वितीय श्रेणी शयनयान में रिजर्वेशन के बाद भी चढऩा मुश्किल होता है।
नियमित फुल, सुविधा खाली
पश्चिम रेलवे प्रति वर्ष ग्रीष्मावकाश और दिवाली अवकाश के दौरान नियमित ट्रेनों में भीड़ होने पर होलीडे स्पेशल ट्रेन चलाने की व्यवस्था करती है। इन होलीडे स्पेशल ट्रेनों को चलाने के लिए डिब्बों की व्यवस्था कहां से की जाती है, इसकी जानकारी कभी बाहर नहीं आ पाती। रेल अधिकारियों ने बताया कि वेकेशन में रेलवे नियमित चलने वाली ट्रेनों से एक-एक डिब्बा कम कर दूसरी स्पेशल ट्रेन का रैक तैयार करती है। इसके बाद उसे चलाने की रूपरेखा बनती है। होलीडे स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों से विशेष किराया लिया जाता है। इनमें से ज्यादातर गाडिय़ां सुविधा एक्सप्रेस के नाम से चलाई जाती हैं। इनका किराया नियमित ट्रेनों के किराए से दुगना है। इसलिए यह यात्रियों को कम ही आकर्षित कर रही हैं। मसलन मुम्बई से जयपुर के बीच चलने वाली नियमित गाडिय़ों में अगले महीने के लिए भी लंबी वेटिंग चल रही है, जबकि सुविधा एक्सप्रेस में इसी दौरान कई सीटें खाली पड़ी हैं। नियमित गाडिय़ों की तृतीय श्रेणी एसी में सूरत से जयपुर का किराया 1225 रुपए है। सुविधा एक्सप्रेस में इसी दूरी की यात्रा के लिए 2300 रुपए वसूले जा रहे हैं।
मोबाइल और पर्स चोरी की घटनाएं आम
सूरत से छपरा जाने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस और पटना जाने वाली सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस, उधना-दानापुर एक्सप्रेस, उधना-वाराणसी भोलेनगरी एक्सप्रेस, बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर, मुजफ्फरपुर अवध एक्सप्रेस तथा पुरी जाने वाली ट्रेनों में इतनी भीड़ होती है कि ट्रेन में चढऩा मुश्किल होता है। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आते ही द्वितीय श्रेणी शयनयान और जनरल कोच में चढऩे के लिए यात्रियों की भीड़ टूट पड़ती है। समाजकंटक मौके का फायदा उठाकर यात्रियों के पर्स और मोबाइल चोरी कर लेते हैं। ऐसे मामलों में कई यात्री पुलिस शिकायत दर्ज नहीं करवाते।
Published on:
28 Mar 2018 10:58 pm
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