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नए सिंथेटिक ट्रेक पर उतरना है तो स्पाइक जूते ले लो

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय में 10 मार्च से शुरू हो रहे 46वें खेलोत्सव के लिए दक्षिण गुजरात के विभिन्न महाविद्यालयों के खिलाडिय़ों...

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Get on the new synthetic track, then take the spike shoes

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सूरत।वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय में 10 मार्च से शुरू हो रहे 46वें खेलोत्सव के लिए दक्षिण गुजरात के विभिन्न महाविद्यालयों के खिलाडिय़ों को हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है, लेकिन हिस्सा वही खिलाड़ी ले पाएगा, जिसके पास स्पाइक शूज होंगे। सभी खिलाडिय़ों को अनिवार्य रूप से स्पाइस शूज के साथ आने का निर्देश दिया गया है।

खेलोत्सव में कई तरह के खेल होंगे। हर साल हजारों खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेने आते है। इनके लिए रनिंग, हर्डल्स, स्ट्रीपल चेज, 400 मीटर रिले, हेमर थ्रो, लोंग जम्प जैसी कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। ज्यादातर खिलाड़ी सामान्य जूते पहन कर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं और कई बिना जूते ही खेलते हैं, क्योंकि उनकी आर्थिक हालत ऐसे खेलों में पहनने वाले जूते खरीदने की इजाजत नहीं देती। इस बार विश्वविद्यालय ने खिलाडिय़ों के लिए 4.62 करोड़ रुपए की लागत से सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक तैयार किया है।

इसका लोकार्पण गुरुवार को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने किया। इसके साथ इनडोर स्वीङ्क्षमग पूल और हॉकी ग्राउंड का भी लोकार्पण किया गया। खेलोत्सव के दौरान सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक पर करीब 22 प्रतियोगिताएं होंगी। खिलाडिय़ों से इनमें हिस्सा लेने के लिए पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है, लेकिन शर्त रखी गई है कि वह स्पाइक जूते पहन कर ही ट्रेक पर उतर सकेंगे।

निर्धन विद्यार्थी कैसे लेंगे महंगे स्पाइक शूज?

स्पाइक शूज के नीचे कीलें होती हैं, जिससे ट्रेक पर दौड़ते समय पकड़ बनी रहे। यह विशेष रूप से खिलाडिय़ों के लिए तैयार किए गए हैं, लेकिन काफी महंगे हैं। सामान्य स्पाइक शूज की कीमत 700 रुपए से शुरू होती है। फिर जितनी बड़ी कंपनी को होगा, यह उतना ही महंगा होगा। कॉलेजों में खेल के नाम पर प्रति विद्यार्थी 200 रुपए फीस वसूली जाती है। यह 200 रुपए खेल के अनुदान में जमा होते हैं। इस अनुदान से कॉलेज खिलाडिय़ों को कपड़े और जूते प्रदान करता है। इस बारे में जानकारी नहीं होने के कारण कई विद्यार्थी इस सुविधा से वंचित रह जाते हैं।

कॉलेज को फीस से खेल का फंड मिलता है। इसमें से वह खिलाड़ी के लिए स्पाइक जूते की व्यवस्था कर सकते हैं। खिलाडिय़ों को स्पाइक जूते देने का जिम्मा कॉलेज प्रशासन का है।डेविड पॉल, डिरेक्टर, यूथ वेलफेयर, वीएनएसजीयू