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गोल्डन बॉय हरमीत के स्वागत में उमड़ा शहर

कामनवेल्थ गेम्स में पदक विजेता हरमीत देसाई ने कहा-कड़ी मेहनत के बाद मिली सफलता

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सूरत.

आस्ट्रेलिया के शहर गोल्डकोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को एक स्वर्ण और एक कांस्य दिलाने वाला सूरत का स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी हरमीत देसाई बुधवार को सूरत पहुंचा। एयरपोर्ट पर खिलाडिय़ों, आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और उसके प्रशंसकों ने उसका जोरदार स्वागत किया। हवाई अड्डे पर आए युवाओं ने हरमीत पर पुष्प बरसाए। उसके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचे थे। उन्होंने अपने हाथों में वेलकम हरमीत लिखी तख्तियां पकड़ी हुई थीं। अपने लाड़ले की सफलता पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था। मां ने उसे चूमकर प्यार जताया।

टेबल टेनिस स्टार हरमीत देसाई ने बुधवार को राजस्थान पत्रिका के साथ विशेष बातचीत की। हरमीत ने बताया कि २०१४ में उन्होंने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था। उस वक्त अधिक अनुभव नहीं था। उसके बाद उन्होंने २०१८ में पदक हासिल करने में जान लड़ा दी। इसके लिए सिर्फ खेल ही नहीं फिटनेस समेत सभी चीजों पर ध्यान देना शुरू किया था। इसमें परिवार, कोच, साथी खिलाडिय़ों सभी का सहयोग मिला। प्रतिदिन ७-८ आठ घंटे तक अभ्यास किया। फिटनेस के लिए एक-दो घंटे अलग से देता था। इसी मेहनत का नतीजा है कि मैं देश को दो पदक दिलवाने में सफल रहा।

सिंगापुर को हराना बड़ी उपलब्धि
हरमीत ने बताया कि टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है। डबल्स में कांस्य जीता, वह भी मेरे लिए खास है। इसमें मुझे साथी खिलाडिय़ों एवं कोच से अपेक्षित सहयोग भी मिला। टेबल टेनिस में सिंगापुर और नाइजीरिया की टीम बहुत तगड़ी है। उनसे हमेशा कड़ी चुनौती मिलती है। इस बार भी इन टीमों से कड़ी टक्कर मिली, लेकिन इस बार हमारी तैयारी अच्छी होने से हम कामयाब हुए। पिछली बार के राष्ट्रमंडल खेलों के बाद लगातार बेहतर प्रदर्शन के चलते मेरी रैंकिंग भी बढ़ी थी। मैं दुनिया के टॉप १०० में आ गया था। इसलिए मेरा आत्मविश्वास बढ़ा था। जिसके फलस्वरूप हम दो पदक लेने में कामयाब रहे।

दो साल पुर्तगाल में की तैयारी
हरमीत की माता अर्चना देसाई और पिता राजुल देसाई ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों से पूर्व दो वर्ष तक उसने पुर्तगाल में रहकर तैयारी की थी। वहां कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों के साथ रह कर उसने अभ्यास किया। इससे उसके खेल में काफी सुधार हुआ। सूरत में उसके प्रशिक्षण और फिटनेस के लिए उसके खाने पीने समेत अन्य जरूरत की सभी चीजें व माहौल उपलब्ध करवाने का प्रयास किया। हमें खुशी है कि वह हमारी उम्मीदों पर खरा उतरा। उसने सूरत ही नहीं देश का नाम रोशन किया।

एशियन गेम्स है अगला लक्ष्य
हरमीत ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स में भारत को स्वर्ण दिलवाना है और वह आज से ही इसकी तैयारियों में जुट गया है। अगले सप्ताह स्वीडन में वल्र्ड चैम्पियनशिप होने वाली है। वह उसमें भी हिस्सा ले रहा है। यह भी महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है। जल्द ही स्वीडन के लिए रवाना हो जाएगा।

अग्रणियों ने की सराहना
हवाई अड्डे पर सांसद दर्शना जरदोष, महापौर अस्मिता शिरोया, चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के सदस्यों, विभिन्न खेल संगठनों से जुड़े लोगों ने हरमीत की सराहना की। वहीं सूरत डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के अमित चौकसी व अन्य पदाधिकारियों ने उसकी उपलब्धि को सूरत के लिए गौरव बताया।