
रात नौ बजे बाद श्रेष्ठ मुहूर्त
सूरत. फाल्गुन शुक्ल की प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा के भद्रारहित काल में सतरंगे रंगों के पर्व होली के उपलक्ष में बुधवार रात नौ बजकर पांच मिनट से श्रेष्ठ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाएगा। इस दौरान शहर में जगह-जगह होलिका दहन के आयोजन किए जाएंगे।
शास्त्रोक्त प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रारहित काल में होलिका दहन करना उचित बताया गया है। बुधवार को सुबह 10 बजकर 45 मिनट से पूर्णिमा शुरू होगी जो कि अगले दिन गुरुवार को सुबह 7 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। वहीं, पूर्णिमा को भद्राकाल सुबह 10 बजकर 45 मिनट से शुरू होगा और रात 9 बजे तक रहेगा। शास्त्रोक्त बुधवार को होलिका दहन भद्राकाल बीतने के बाद रात 9 बजकर 5 मिनट पर किया जाएगा।
रंग और उल्लास के दो दिवसीय त्योहार होली के मौके पर बुधवार रात भद्रारहित समय में शहर में जगह-जगह सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना के साथ होलिकादहन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु महिलाएं होलिका का बडक़ुला समेत अन्य कई पारंपरिक वस्तुओं से शृंगार करेगी। शहर के चौक-चौराहों के अलावा सोसायटी-अपार्टमेंट प्रांगण में मंगलवार शाम को युवकों व बच्चों ने होलिकादहन के लिए निर्धारित स्थल पर खुदाई व साफ-सफाई कर होलिका का इंतजाम किया और बाद में रात्रि के दौरान उसे बडक़ुलों व अन्य सामग्री से शृंगारित करने का कार्य महिलाओं ने किया।
Published on:
19 Mar 2019 08:05 pm
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