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बारडोली।तापी जिले की निजर तहसील के वेल्दा गांव के लोगों ने 52 वर्षीय महिला को उनके परिजनों से मिलाया। कुछ दिनों से गांव के मंदिर में गुमसुम बैठी रहती इस महिला के बताए गांव के नाम के बाद ग्रामीणों ने गूगल मैप के जरिये खेड़ा जिले की चकलासी गांव की लोकेशन खोजी और गूगल से मिले गांव के दुकानदार के नंबर के आधार पर उसके परिजनों का पता लगाया। बाद में परिजन वेल्दा आकर महिला को घर ले गए।
वेल्दा गांव के श्रीपत पटेल ने बताया कि गांव के मंदिर में एक सप्ताह पूर्व एक भिखारी जैसी महिला बैठी थी। जो कई दिनों से भूखी लग रही थी। ग्रामीणों ने पूछताछ की, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। बाद में दो तीन दिन तक ग्रामीणों ने उसके खाने और रहने की व्यवस्था की। ग्रामीणों ने फिर से उससे पूछताछ की तो उसने अपना नाम सविताबेन दिलीपभाई वाघेला और गांव का नाम चकलासी बताया। इसके अलावा महिला से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने महिला को उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए गूगल मैप में गांव का नाम सर्च किया तो लोकेशन खेड़ा जिले में मिली। बाद में गूगल के जरिए डिटेल चेक की तो गांव की तस्वीरें मिली।
एक फोटो में श्रीजी पान सेंटर नाम की दुकान के मालिक का नाम और फोन नंबर लिखा था। दुकान मालिक का नाम अशोक वाघेला था। ग्रामीणों ने अशोक के फोन पर संपर्क कर हकीकत बताई। अशोक ने उनकी दुकान पर आए पंकज वाघेला से बात कराई और उनके व्हाट्सएप पर महिला का फोटो भेजा। हालांकि गांव की आबादी ज्यादा होने से वह उसे पहचान नहीं सका। बाद में महिला ने पूछताछ में बाजार फलिया मोहल्ले में उसका घर होने की बात बताई। पंकज वाघेला को बाजार फलिया में पता लगाने को कहा गया। परिवार का पता चलते ही पंकज ने श्रीपत भाई से कॉन्टेक्ट कर महिला की उनके परिजनों से बात कराई। परिजनों ने सविता को पहचान लिया। दूसरे दिन परिजन उसे लेने के लिए वेल्दा पहुंचे और सविता बेन का परिजनों से सुखद मिलन हुआ। सविता बेन के परिजनों ने वेल्दा गांव के लोगों का आभार जताया।
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