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राजस्थान के नेताओं को भाया सूरत का गोपी तालाब

पर्यटन के लिहाज से गुलाबीनगरी जयपुर समेत पूरा राजस्थान कहीं आगे है, लेकिन वस्त्र नगरी सूरत में कुछ ऐसे चुनींदा स्थल हैं, जिन्हें यहां आकर हर कोई देखना

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Gopi pond of Bhai Surat to the leaders of Rajasthan

Gopi pond of Bhai Surat to the leaders of Rajasthan

सूरत।पर्यटन के लिहाज से गुलाबीनगरी जयपुर समेत पूरा राजस्थान कहीं आगे है, लेकिन वस्त्र नगरी सूरत में कुछ ऐसे चुनींदा स्थल हैं, जिन्हें यहां आकर हर कोई देखना चाहता है। ऐसा ही एक स्थल है गोपी तालाब, जिसे हाल ही चुनाव प्रचार के सिलसिले में सूरत आए राजस्थान के नेताओं देखा और सराहा भी।

गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और प्रत्याशियों के प्रचार के लिए राजस्थान से आए नेताओं में सामाजिक और न्याय अधिकारिता मंत्री डॉ. अरुण चतुर्वेदी, जयपुर सांसद रामचरण बोहरा, किशनपोल विधायक मोहन गुप्ता, प्रदेश भाजपा कार्यालय प्रभारी तथा राजस्थान व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश पारीक शामिल थे। सभी कपड़ा बाजार समेत अन्य जगहों पर प्रवासी राजस्थानियों से भी मिले। बाद में ये गोपी तालाब पहुंचे। सूरत शहर के बीचों-बीच 15वीं सदी के इस तालाब को देखने के पीछे मंत्री और अन्य नेताओं की मंशा कुछ सीखकर जाने की थी।

उन्होंने गोपी तालाब की 2012 से पहले की दशा की जानकारी ली और प्रवेश, रिटर्निंग वॉल, म्यूजिक थिएटर, ऐतिहासिक गोपी वाव (बावड़ी), पैराग्लाइडिंग, कला मंच, फूड कॉर्नर आदि का अवलोकन किया। उनके मुताबिक जयपुर में मानसागर, तालकटोरा, जलधारा, आमेर झील, अजमेर में आनासागर, जोधपुर में सूर्यसागर, बीकानेर में कोलायत समेत कई ऐसे तालाब हैं, जिन्हें पर्यटन के लिहाज से गोपी तालाब की तरह विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।

पहले कच्ची बस्ती से घिरा था

नवसारी बाजार के पास बने ऐतिहासिक गोपी तालाब का विकास अहमदाबाद की कांकरिया झील की तरह किया गया है। 35 हजार वर्ग मीटर में फैले तालाब के चारों तरफ कच्ची बस्ती और अतिक्रमण हटाने में सूरत महानगर पालिका को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। केंद्र सरकार की जेएनएनयूआरएम योजना के तहत यहां से साढ़े आठ सौ परिवारों को कोसाद आवास में बसाया गया। करीब तीन साल की अवधि में गोपी तालाब को 30 करोड़ रुपए की लागत से तीन चरण में नया रूप दिया गया।

&राजस्थान के कई झील-तालाबों को गोपी तालाब की तरह विकसित किया जा सकता है। पर्यटन मंत्रालय को रिपोर्ट दी जाएगी।डॉ. अरुण चतुर्वेदी, सामाजिक-न्याय अधिकारिता मंत्री, राजस्थान

दिनेश भारद्वाज