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सूरत। ग्रीष्मा वेकरिया हत्याकांड में फांसी की सजा सुनाने के बाद अब फेनिल की पहचान कैदी नंबर 2231 के तौर पर होगी। जब तक उसे फांसी नहीं दी जाती तब तक वह लाजपोर सेंट्रल जेल में ही रहेगा।
सेशन कोर्ट की ओर से गुरुवार को फांसी की सजा सुनाने के बाद फेनिल को सजायफ्ता कैदी के तौर पर लाजपोर सेंट्रल जेल ले जाया गया। यहां उसे कैदी के कपड़े देने के साथ ही नंबर भी दिया गया। जिससे अब जेल उसकी पहचान कैदी नंबर 2231 के तौर पर होगी। जेल प्रशासन ने बताया कि फांसी की सजा मिलने के बाद भी फेनिल के चेहरे पर कोई रंज या अफसोस नहीं दिखाई दे रहा। गुरुवार शाम जेल में लाने के बाद उसने सबकुछ सामान्य हो इस तरह खाना भी खाया। अब जब तक उसे फांसी नहीं दी जाती तब तक उसे लाजपोर सेंट्रल जेल में ही रखा जाएगा।
गौरतलब है कि एक तरफा प्रेम में फेनिल ने 12 फरवरी को कामरेज के पसोदरा में दिनदहाड़े गला रेत कर ग्रीष्मा वेकारिया की हत्या कर दी थी। इस मामले में सिर्फ 83 दिनों में कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फेनिल को फांसी की सजा सुनाई है।
ग्रीष्मा के परिजनों से मिलने पहुंचे गृह राज्यमंत्री संघवी
सूरत। ग्रीष्मा वेकरिया के हत्यारे फेनिल गोयाणी को फांसी की सजा सुनाई जाने बाद शुक्रवार को गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी पासोदरा में ग्रीष्मा के घर पहुंचे। यहां आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही ग्रीष्मा के माता - पिता समेत के परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। संघवी ने कहा कि ग्रीष्मा को न्याय तो मिला है, लेकिन भविष्य में किसी भी बेटी के साथ ऐसी घटना न बने इसके लिए सरकार और पुलिस गंभीर है। बेटियां यदि परेशान हैं तो पुलिस का संपर्क करें। ग्रीष्मा के परिवार की ओर से भी ग्रीष्मा को न्याय दिलाने के लिए दिन रात एक करने वाले पुलिस अधिकारियों का सम्मान किया गया।
Published on:
06 May 2022 05:47 pm
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