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GSEB : गुजरात बोर्ड पाठ्यक्रम के बाद परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव

- नई परीक्षा प्रणाली की रूपरेखा जारी - स्कूलों में 9वीं और 11वीं की परीक्षा अब एनसीइआरटी प्रणाली के अनुसार
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सूरत

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Divyesh Kumar Sondarva

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Updated: 25 Jul 2018, 7:43 PM IST

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GSEB : गुजरात बोर्ड पाठ्यक्रम के बाद परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव

सूरत.

गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड संचालित स्कूलों में 9वीं और 11वीं की परीक्षा प्रणाली में बदलाव किया गया है। इन स्कूलों में एनसीइआरटी की किताबें लागू करने के बाद गुजरात बोर्ड ने अब परीक्षा भी एनसीइआरटी प्रणाली के अनुसार लेने का आदेश दिया है। बोर्ड ने परीक्षा लेने रूपरेखा जारी कर दी है।
गुजरात बोर्ड के विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर सकें, इसलिए सीबीएसइ पाठ्यक्रम अपनाया गया है। शैक्षणिक सत्र 2017-18 में 10वीं के 50 से अधिक स्कूलों में एनसीइआरटी पायलट प्रोजेक्ट लागू किया गया और 500 से अधिक विद्यार्थियों की एनसीइआरटी के अनुसार परीक्षा ली गई। इसके बाद शैक्षणिक सत्र 2018-19 में गुजरात बोर्ड ने कक्षा 1 से 12वीं तक सीबीएसइ का पाठ्यक्रम लागू कर दिया। सभी किताबें एनसीइआरटी के अनुसार तैयार की गईं। गुजरात बोर्ड की सभी स्कूलों में एनसीइआरटी के अनुसार पढ़ाई हो रही है। अब गुजरात बोर्ड ने 9वीं और 11वीं की परीक्षा का ढांचा बदलते हुए एनसीइआरटी प्रणाली के अनुसार परीक्षा लेने का आदेश जारी किया है।
80 अंक की होगी वार्षिक परीक्षा
गुजरात बोर्ड ने एनसीइआरटी प्रणाली के अनुसार परीक्षा का जो ढांचा जारी किया है, इसके अंतर्गत 9वीं और 11वीं की प्रथम और द्वितीय आंतरिक परीक्षा 50-50 अंक, जबकि वार्षिक परीक्षा 80 अंक की होगी। आंतरिक मूल्यांकन 20 अंकों का होगा। पास होने के लिए 33 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे। 10वीं की परीक्षा में गुजरात बोर्ड का गुणभार 70 प्रतिशत के बदले अब 80 प्रतिशत होगा। आंतरिक मूल्यांकन 20 प्रतिशत का होगा। इसमें 5-5 गुण प्रथम और द्वितीय परीक्षा के होंगे। 5 गुण नोटबुक और 5 गुण अन्य प्रवृत्तियों के होंगे। आने वाले दिनों में बोर्ड 9वीं और 11वीं विज्ञान वर्ग की परीक्षा के प्रश्नपत्र का प्रारूप जारी करेगा। 11वीं और 12वीं कॉमर्स वर्ग की परीक्षा तथा प्रश्नपत्र के ढांचे में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।


विज्ञान वर्ग में प्रयोग भी एनसीइआरटी के अनुसार
गुजरात बोर्ड की ९वीं और 11वीं विज्ञान वर्ग में अब प्रयोग भी एनसीइआरटी के अनुसार होंगे। विद्यार्थियों को एनसीइआरटी के अनुसार प्रयोगपोथी तैयार करनी होगी। बोर्ड ने एनसीइआरटी के अनुसार प्रयोगों का पाठ्यक्रम जारी किया है। सभी स्कूलों को इस पाठ्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों को प्रयोगों का प्रशिक्षण देने का आदेश दिया गया है। विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए पूरा पाठ्यक्रम एनसीइआरटी के अनुसार तैयार किया गया है। इस शैक्षणिक सत्र से 9वीं और 11वीं विज्ञान वर्ग में एनसीइआरटी की किताबों को लागू कर दिया गया है। 9वीं और 11वीं विज्ञान वर्ग में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान में प्रयोग भी करने होते हैं। इन प्रयोगों की अलग से परीक्षा होती है। प्रयोगों के अंक मुख्य परीक्षा के अंक के साथ जोड़कर परिणाम तैयार होता है। गुजरात बोर्ड ने स्कूलों को 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को एनसीइआरटी के प्रयोग सिखाने का आदेश दिया है। शैक्षणिक सत्र के दौरान कौन-कौन-से प्रयोग विद्यार्थियों को सिखाने होंगे, उसका प्रारूप जारी कर दिया गया है। इसके आधार पर विद्यार्थियों को प्रयोग सिखाने का आदेश दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान एनसीइआरटी के अनुसार विद्यार्थियों की प्रयोगपोथी तैयार करने का निर्देश भी दिया गया है। बोर्ड ने 11वीं विज्ञान वर्ग की परीक्षा फरवरी और मार्च में स्कूलों को अपनी व्यवस्था के अनुसार लेने का आदेश दिया है।

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