
GSEB : रिपीटर विद्यार्थियों की परीक्षा पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार ही होगी
सूरत.
गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मार्च में होने वाली एसएससी की परीक्षा रिपीटर विद्यार्थियों के लिए पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार ली जाएगी। गुजरात बोर्ड ने रिपीटर विद्यार्थियों के लिए पहले जारी परिपत्र रद्द कर दिया है। सभी स्कूलों के प्राचार्यों को यह सूचना विद्यार्थियों को देने को कहा गया है।
गुजरात बोर्ड स्कूलों के पाठ्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2018-19 से बड़ा बदलाव किया गया है। कक्षा 1 से 12 तक की किताबें बदल गई हैं। इनमें एनसीइआरटी के पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। मार्च में होने वाली बोर्ड परीक्षा में प्रश्न नए पाठ्यक्रम के अनुसार पूछे जाएंगे। मार्च 2018 की एसएससी परीक्षा में फेल हुए विद्यार्थियों के लिए भी नए पाठ्यक्रम के अनुसार परीक्षा की घोषणा की गई थी। इससे यह विद्यार्थी चिंतित थे। उन्हें नए पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी करने की चिंता सता रही थी। गुजरात बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई और रिपीटर विद्यार्थियों की परीक्षा पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार लेने का फैसला किया गया, जिससे विद्यार्थी बीच में पढ़ाई न छोड़ें।
गुजरात बोर्ड की मार्च 2019 की परीक्षा के लिए विद्यार्थियों का पंजीकरण शुरू करने से पहले राज्यभर के स्कूलों की जानकारी एकत्र कर ली थी। इसके आधार पर परीक्षा भवनों की सूची जारी कर दी है। इसमें सूरत जिले के परीक्षा भवनों के नाम भी शामिल हंै। इस सूची में शामिल सभी परीक्षा भवनों में सीसी कैमरे हैं। साथ ही बोर्ड ने राज्य के सभी शिक्षकों का पंजीकरण भी करवाया है, जिससे निरीक्षकों की नियुक्ति और उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन करने वालों की नियुक्ति करने में परेशानी न हो। बोर्ड ने 22 अक्टूबर से 20 नवम्बर तक स्कूलों को 12वीं सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण करवाने का आदेश दिया है। इसके बाद 12वीं विज्ञान वर्ग और एसएससी के विद्यार्थियों का पंजीकरण शुरू किया जाएगा।
परीक्षा के नियमों में बदलाव
गुजरात बोर्ड ने 9वीं और 11वीं की परीक्षा के नियमों में बदलाव किया है। प्रथम परीक्षा 50, द्वितीय परीक्षा 50 और वार्षिक परीक्षा 80 अंकों की होगी। आंतरिक मूल्यांकन 20 गुणों का होगा। सैद्धांतिक परीक्षा 40, प्रायोगिक परीक्षा 40 और आंतरिक परीक्षा 20 अंक की होगी। परीक्षा पास करने के लिए 33 प्रतिशत जरूरी होंगे। विद्यार्थियों को पास होने के लिए 1 से 15 अंकों का ग्रेस दिया जा सकेगा। दुर्घटना या बीमारी के कारण परीक्षा में उपस्थित नहीं होने वाले विद्यार्थियों को नए नियमों में राहत दी गई है। ऐसे विद्यार्थियों के अन्य परीक्षाओं के अंकों को ध्यान में रख प्राचार्य उसे पास कर सकेंगे। विद्यार्थियों की कक्षा में 100 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है। 15 प्रतिशत छुट्टियों पर प्राचार्य, 15 से 25 प्रतिशत पर जिला शिक्षा अधिकारी और 26 प्रतिशत से अधिक छुट्टियों पर छूट के लिए बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। सभी विषयों की परीक्षा के आधार पर विद्यार्थी को वर्ग बढ़ोतरी दी जाएगी। गुजरात बोर्ड ने स्कूलों के लिए 9वीं और 11वीं की परीक्षा और वर्ग बढ़ोतरी की रूपरेखा जारी कर दी है।
प्रायोगिक परीक्षा गुजरात बोर्ड ही लेगा
इस संदर्भ में बोर्ड ने आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 में प्रायोगिक परीक्षा गुजरात बोर्ड ही लेगा। अब तक इस परीक्षा का जिम्मा स्कूलों के पास था। स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करते थे और बोर्ड को विद्यार्थियों के अंक भेज देते थे। इन अंकों को लिखित परीक्षा के अंकों से साथ जोड़कर परिणाम जारी किया जाता था, लेकिन अब 12वीं के मुख्य विषय जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा बोर्ड की ओर से ली जाएगी। इसके लिए बोर्ड अलग से परीक्षा केन्द्रों की व्यवस्था करेगा। परीक्षा के लिए विद्यार्थियों के अलग-अलग बैच बनाए जाएंगे। बोर्ड ने स्कूलों को इस बारे में सभी विद्यार्थियों को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड प्रायोगिक परीक्षा केन्द्रों पर तीन निरीक्षकों की नियुक्ति करेगा। परीक्षा देने वाले विद्यार्थी को प्रयोगों की जनरल साथ रखनी होगी। इस जनरल में सालभर किए गए प्रयोग लिखे होंगे। विद्यार्थी को जनरल निरीक्षक को सौंपना होगी।
दोबारा मौका नहीं मिलेगा
गुजरात बोर्ड ने साफ कर दिया है कि प्रायोगिक परीक्षा में अगर कोई विद्यार्थी अनुपस्थित रहा तो उसकी अलग से परीक्षा नहीं ली जाएगी। किसी भी हालत में उसे प्रायोगिक परीक्षा देने का दूसरा अवसर नहीं मिलेगा।
परीक्षा का प्रारूप जारी
बोर्ड लिखित परीक्षा का प्रारूप जारी करता है, जिससे विद्यार्थी को प्रश्नपत्र के बारे में जानकारी रहे। उसी तरह बोर्ड ने प्रायोगिक परीक्षा का भी प्रारूप जारी किया है। प्रायोगिक परीक्षा 50 अंक की होगी। इसमें पांच प्रश्न होंगे। पहला प्रश्न 10 अंक, दूसरा 7 अंक, तीसरा 5 अंक और चौथा 24 अंक का होगा। पांचवा प्रश्न 4 अंक का होगा, जो प्रयोग पोथी के लिए दिए जाएंगे। सभी चार प्रश्नों की प्रयोगों पर आधारित मौखिक परीक्षा होगी।
Published on:
25 Oct 2018 08:30 pm
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