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GSEB : लापरवाही स्कूल की, कीमत चुकानी पड़ेगी परीक्षार्थियों को

एचएचसी के ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने में स्कूलों ने की गंभीर भूलफॉर्म भरने की गलती के चलते विद्यार्थी को कौन सा पेपर देना आएगी समस्या

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GSEB : लापरवाही स्कूल की, कीमत चुकानी पड़ेगी परीक्षार्थियों को

सूरत.

गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की एचएचसी सामान्य वर्ग परीक्षा के ऑनलाइन फॉर्म भरने में स्कूलों ने बड़ी लापरवाही की है। स्कूलों की भूल की कीमत परीक्षार्थियों को चुकानी पड़ सकती है। फॉर्म भरने में चूक के कारण कौन से परीक्षार्थी को कौन सा प्रश्नपत्र दिया जाए, यह समस्या सामने आई है।
गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की मार्च में परीक्षा होने वाली है। परीक्षा के लिए नवम्बर-दिसम्बर 2018 में ऑनलाइन आवेदन भरे गए थे। आवेदन में विद्यार्थी की सारी विस्तृत जानकारी के साथ विद्यार्थी नया है या रिपीटर, रिपीटर है तो कौन से साल में पहली बार परीक्षा दी थी, उसकी भी जानकारी भरी जाती है। यह जानकारी भरना इसलिए अनिवार्य है, ताकि विद्यार्थी को कौन सा प्रश्नपत्र दिया जाए यह स्पष्ट हो सके। पिछले कुछ सालों में पाठ्यक्रम और प्रश्नपत्र में कई बार बदलाव हुए हैं। इसलिए वर्ष देखकर परीक्षार्थी को प्रश्नपत्र दिया जाता है। रेग्युलर विद्यार्थी को नया और रिपीटर को पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्नपत्र मिलता है। राज्य के सभी जिलों के स्कूलों ने एचएचसी के आवेदन भरने में गलती की है। इस कारण कौन सा विद्यार्थी रेग्युलर है और कौनसा रिपीटर, यह जानना बोर्ड के लिए मुश्किल हो गया है।

एसआइडी नंबर लिखने में गलती
सभी विद्यार्थी का एक एसआइडी नंबर होता है। फॉर्म में यह नंबर लिखना अनिवार्य है। इससे पता चलता है कि विद्यार्थी कौन से साल का है। फॉर्म भरते समय ज्यादातर स्कूलों ने एसआइडी नंबर लिखने में गलती की है। इस कारण यह समस्या खड़ी हुई है।

पूर्व लिखने में भी कर दी गई गड़बडिय़ां
कई विद्यार्थियों ने मार्च 2018 में पहली बार एचएचसी की परीक्षा दी थी। कई विद्यार्थियों ने जुलाई 2018 में पुन: परीक्षा दी थी। फॉर्म में विद्यार्थी 2018 का पूर्व है या 2018 का है या रेग्युलर है, इसकी जानकारी देने में भी स्कूलों से गलती हुई है। 2018 में परीक्षा देने वाले कई विद्यार्थियों के फॉर्म में उल्लेख किया गया है कि वह 2018 पूर्व के विद्यार्थी हैं। इस समस्या के चलते नए पाठ्यक्रम का या पुराने पाठ्यक्रम का पेपर दिया जाए, यह दुविधा बोर्ड के समक्ष आ गई है।

बोर्ड कार्यालय के समक्ष उपस्थित होने का दिया गया आदेश
गुजरात बोर्ड ने राज्य के सभी 35 जिलों के स्कूलों को मुख्य कार्यालय समक्ष उपस्थित गलती में सुधार कराने को कहा है। सुधार नहीं होने पर विद्यार्थी को होने वाली परेशानी का जिम्मेदार स्कूल होगा।