
GTU : डिप्लोमा-डिग्री पास करने के लिए जीटीयू ने दिया एक और अवसर
सूरत.
गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (जीटीयू) ने आठ साल में डिप्लोमा-डिग्री पास नहीं कर पाने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा पास करने का एक और अवसर देने का निर्णय किया है। विशेष केस के तौर पर ऐसे विद्यार्थियों को शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन परीक्षा में हिस्सा लेने का मौका दिया जाएगा। जीटीयू ने शीतकालीन परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने को कहा
गया है।
जीटीयू के नियम के अनुसार विद्यार्थी को डिप्लोमा और डिग्री पास करने के लिए आठ साल दिए जाते हैं। आठ साल में पास नहीं होने वाले विद्यार्थी का एनरोलमेंट अपने आप रद्द हो जाता है। हजारों विद्यार्थी ऐसे हैं, जिनके आठ साल पूरे हो चुके हैं। पहले इन्हें शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन परीक्षा में नहीं बैठने देने का फैसला किया गया था। सभी का एनरोलमेंट रद्द करने का भी फैसला किया गया था, लेकिन अब इन विद्यार्थियों को पास होने का एक और अवसर देने का फैसला किया गया है। इन्हें शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन परीक्षा में हिस्सा लेने का मौका दिया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए पांच हजार रुपए फीस भरनी होगी। इंजीनियङ्क्षरग के साथ-साथ एमसीए के विद्यार्थियों को भी यह अवसर दिया जाएगा। जीटीयू के अनुसार 24 हजार से अधिक विद्यार्थी बैकलॉग में हैं।
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का एनरोलमेंट अभी तक नहीं
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों का एनरोलमेंट अभी तक नहीं हुआ है और आंतरिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। देर तक चली प्रवेश प्रक्रिया के कारण एनरोलमेंट बाकी है। इस साल भी प्रवेश प्रक्रिया में हर साल की तरह अधिक समय लग गया। नवरात्रि वेकेशन के बाद महाविद्यालयों को आंतरिक परीक्षा लेने के लिए सूचित किया गया था। इसलिए महाविद्यालयों में वेकेशन पूर्ण होते ही प्रायोगिक परीक्षा लेना शुरू कर दिया। महाविद्यालयों में आंतरिक परीक्षा भी शुरू हो गई है, लेकिन कई विद्यार्थियों के एनरोलमेंट बाकी । विश्वविद्यालय बार-बार एनरोलमेंट की अवधि बढ़ाता जा रहा है।
नई प्रवेश प्रक्रिया फेल साबित हुई
12वीं का परिणाम जारी होने के बाद विश्वविद्यालय के बीकॉम, बीबीए, बीसीए और बीएससी पाठ्यक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रवेश की पुरानी प्रक्रिया को रद्द कर नई प्रक्रिया लागू कर प्रवेश दिए गए। सभी को आश्वासन दिलाया गया कि नई प्रक्रिया पुरानी से कारगर है और जल्द प्रवेश पूर्ण हो जाएंगे। नई प्रक्रिया फेल साबित हुई है। अभी तक प्रवेश चल रहे हैं। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन थी। सही प्रक्रिया नहीं होने के कारण ऑनलाइन प्रवेश पाने में विद्यार्थियों को परेशानी हुई। इस कारण भी कई छात्र प्रवेश से बाहर हो गए। अब इनके लिए विश्वविद्यालय को ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया करनी पड़ रही है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया का आयोजन किया गया है। इसमें बीकॉम, बीबीए, बीसीए और बीएससी में प्रवेश पाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। पर प्रवेश की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी इसका कोई उत्तर नहीं दिया गया है।

Published on:
31 Oct 2018 08:25 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
