
MEGA CITY-
सूरत. सूरत को मेगा सिटी बनाने की सूरतीयों की हसरत को अब पर लग गए हैं। राज्य सरकार ने बुधवार को सूरत महानगर पालिका के शहर के हद विस्तार (expand the city limits) को मंजूरी दे दी। 14 साल बाद हुए सीमा विस्तार के साथ ही शहर का क्षेत्रफल करीब पांच सौ किमी तक हो जाएगा। इससे पहले वर्ष 2006 में शहर का दायरा बढ़ाया गया था। नए विस्तार में कनकपुर कनसाड और सचिन नगरपालिका के साथ ही 31 दूसरे गांवों को सूरत में शामिल किया गया है।
मनपा प्रशासन ने दिसंबर 2019 में राज्य सरकार को मेगा सिटी के तहत शहर के विस्तार का प्रस्ताव भेजा था। राज्य सरकार (gujarat government) इस पर कोई फैसला लेती, इससे पहले गुजरात समेत देशभर में प्रशासन कोरोना से निपटने के उपायों में उलझ गया। अनलॉक 1.0 के बाद एक बार फिर सरकारी मशीनरी सक्रिय हुई और दिसंबर में भेजे प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए बुधवार दोपहर को राज्य सरकार ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया।
इस तरह बढ़ेगा शहर
नॉर्थ और पश्चिम जोन की ओर के सेगवा स्यादला, वसवारी, गोथाण, उमरा, भरथाना कोसाड शहर का हिस्सा बनेंगे। उधना जोन की ओर के पारडी कणदे, तलंगपुर, पाली, उबर को शामिल किया है। डुमस की ओर विस्तार के क्रम में अकेले बचे कांदी फलिया को लिया गया है। पश्चिम जोन में हजीरा पट्टी के भाटपोर, भाठा, इच्छापोर, असारमा, भेसाण, ओखा, वनकला, विहेल और चीची को शामिल किया गया है।
कामरेज की ओर मलगामा (असारमा), कठोदरा, वालक, वेलंजा, अब्रामा, भाडा, कठोड़, खडसड़ और लसकाणा अब सूरत का हिस्सा हो गए। कडोदरा की ओर सणिया हेमद, पासोदरा, कुम्भारिया और सारोली शहर की सीमा में आ गए हैं। इसके साथ ही सचिन नगर पालिका और कनसाड नगरपालिका का क्षेत्र भी सूरत में शामिल हो गया है।
कामरेज और कडोदरा को रखा था बाहर
मनपा प्रशासन ने राज्य के शहर विकास विभाग को जो प्रस्ताव भेजा था, उसमें कामरेज और कडोदरा की ओर के गांवों को मेगा सिटी के प्रस्ताव में शामिल नहीं किया था। इस निर्णय पर सामान्य सभा में पार्षदों ने हंगामा भी किया था। सत्तापक्ष के कई पार्षदों ने भी इस निर्णय के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया था।
बाद में उन्होंने निजी स्तर पर भी राज्य सरकार को इन क्षेत्रों को शहर की सीमा में शामिल करने की मांग की थी। हालांकि पहले तैयार किए गए प्रस्ताव में इनमें से कई गांवों को जगह मिल गई थी, लेकिन दूसरे इलाकों में रास्ते में आ रहे कुछ गांव छूट गए थे। सांसद सीआर पाटिल के दखल के बाद मनपा प्रशासन ने नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया था, जिसमें इन क्षेत्रों को छोड़ दिया गया।
वर्ष 2017 में शुरू हुई थी कवायद
वर्ष 2006 में हुए विस्तार के बाद सूरत शहर का क्षेत्रफल 326.52 वर्गकिमी हो गया था। गुजरात सरकार (government of gujarat) ने एक दशक बाद नए सिरे से शहर के सीमा विस्तार पर काम शुरू किया था। वर्ष 2017 में इसके लिए गुजरात सरकार ने सूरत महानगर पालिका प्रशासन से शहर का एक्सपेंशन प्लान मांगा था। विधानसभा 2017 के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के कारण उस वक्त इस पर ब्रेक लग गया था। वर्ष 2019 में गुजरात सरकार ने मेगा सिटी के कलेवर में इसपर नए सिरे से कवायद शुरू की थी।
सीमा विस्तार पर सबसे पहले पत्रिका ने दी थी जानकारी
राजस्थान पत्रिका ने पांच जनवरी 2018 के अंक में 'हमारा सूरत जाएगा 500 वर्गकिमी के पार' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर पहले ही बता दिया था कि आगामी दिनों में शहर के सीमा विस्तार की कवायद शुरू होने जा रही है। उस वक्त से ही मनपा प्रशासन ने इस पर कवायद तो शुरू कर दी थी। बाद में शहर को मेगा सिटी बनाने के लिए नए सिरे से मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की पहल की तो मनपा प्रशासन इसे लेकर गंभीर हुआ और ड्राफ्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजा।
Published on:
18 Jun 2020 08:48 pm
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