25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Surat/ गुजरात हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों पर घपले का आरोप, जांच के आदेश

पूर्व कर्मचारी ने मकान खरीदने के बदले में चुकाए रुपए विभाग में नहीं जमा करवाए, 31 साल बाद नोटिस चस्पा करने पर हुआ खुलासा

2 min read
Google source verification
Surat/ गुजरात हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों पर घपले का आरोप, जांच के आदेश

File Image

सूरत. गुजरात हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों पर मकान बिक्री के रुपयों का घपला करने के आरोप के साथ विभाग के ही पूर्व कर्मचारी ने कोर्ट में शिकायत की है। शिकायत आधार पर कोर्ट ने सचिन पुलिस थाना निरीक्षक को प्रकरण की जांच कर एक महीने में कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

प्रकरण के अनुसार सचिन स्थित गुजरात हाउसिंग बोर्ड निवासी एवं विभाग के ही पूर्व कर्मचारी किरण रमणलाल ईनामदार ने गुजरात हाउसिंग बोर्ड उधना कार्यालय के अधिकारी हर्षद पटेल, एस.डी. खराड़ी, एन.एस. बारिया, विजय एन. गरचर, एच.वी. झडफिया समेत छह जनों के अधिवक्ता कमलेश रावल के जरिए कोर्ट में शिकायत की है और कोर्ट से आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और षड़यंत्र रचने को लेकर आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए गुहार लगाई है। अभियोजन पक्ष के आरोप के मुताबिक, किरण ईमानदार को सचिन स्थित गुजरात हाउसिंग बोर्ड के स्टाफ क्वार्ट्स में 31 साल पहले मकान आवंटित किया गया था। कुछ सालों बाद सरकार ने किराया खरीदी योजना के तहत क्वार्ट्स के मकान बिक्री के लिए निकाले। किरण को भी विभाग की ओर से वेल्यूएशन पत्र भेजा गया और उन्हें 2.23 लाख रुपए भरने पर मालिकाना हक देने के लिए कहा। उन्होंने विभाग के आदेशानुसार दो किश्तों में पूरी रकम तत्कालीन अधिकारी के बताए अकाउंट में जमा करवा दी, लेकिन उसके बाद अब तक उन्हें सेल डीड बनाकर दिया गया नहीं है। इस बीच 31 साल बाद अब गुजरात हाउसिंग बोर्ड की ओर से उन्हें मकान खाली करने के आदेश के साथ उनके मकान पर नोटिस चस्पा किया गया है। जब नोटिस लगाया गया तो किरण ईमानदार चौंक उठे और उन्होंने जांच की तो विभाग के मौजूदा अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जमा करवाई रकम विभाग के जमा नहीं हुई है। धोखाधड़ी का पता चलने पर उन्होंने सचिन थाने में शिकायत की, लेकिन सचिन पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। आखिरकार कोर्ट में शिकायत की गई। उन्होंने कोर्ट के समक्ष मकान के आवंटन पत्र से लेकर विभाग में जमा करवाए रुपयों के कागजात पेश कर आरोपियों के खिलाफ आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सचिन थाना निरीक्षक को सीआरपीसी की धारा 202 के तहत प्रकरण की जांच कर एक महीने में कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।