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GUJARAT POLITICAL NEWS: आरएसएस के शीर्ष नेताओं का सूरत आने का सिलसिला बढ़ा

-प्रयोजन भले ही अलग-अलग मगर एक-सवा माह में तीन बड़े संघ नेता सूरत आकर लौटे, राजनीतिक समीकरण साधने की भी लग रही है अटकलें  

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GUJARAT POLITICAL NEWS: आरएसएस के शीर्ष नेताओं का सूरत आने का सिलसिला बढ़ा

GUJARAT POLITICAL NEWS: आरएसएस के शीर्ष नेताओं का सूरत आने का सिलसिला बढ़ा

सूरत. राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक समेत अन्य कई क्षेत्रों के अनेक बड़े संगठनों के एक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेताओं की सरगर्मी बीते समय से गुजरात की औद्योगिक राजधानी सूरत महानगर में कुछ अधिक ही दिखने लगी है। महज एक-सवा महीने में यहां पर पहुंचने वालों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, पांच दफा सरकार्यवाह रह चुके सुरेश भैयाजी जोशी, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राममाधव आदि बड़े नाम शामिल है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अगले तीन-चार वर्ष में अपनी स्थापना की शती पूरी करने वाला है और भारत के अगले राजनीतिक भविष्य की काफी हद तक तस्वीर स्पष्ट करने वाले देश के सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव भी अगले वर्ष होने हैं। इन परिस्थितियों के बीच संघ के शीर्ष नेताओं का लघु भारत सूरत आने का सिलसिला बीते कुछ समय में तेज हुआ है। राजनीति के जानकार संघ नेताओं के सूरत प्रवास को व्यापक दृष्टिकोण से देखते हैं वहीं, संघ इन्हें श्रेणी बैठक व निजी प्रवास बताकर सामान्य गिनाने का प्रयास करता है। मगर यह बात सही है कि सूरत से पूरे देशभर में किसी भी तरह का संदेश बड़ी तेजी और मजबूती से पहुंचाया जाता रहा है और इसके सबसे बड़े परिचायक के रूप में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं, जिन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव से पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए सूरत दौरे के दौरान प्रवासियों के बीच कई बार उन्हें अपना ब्रांड एम्बेसेडर बताया। अब यहीं ब्रांड एम्बेसेडर 2017 के विधानसभा चुनाव के समान 2022 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन कर सकते हैं।

-दो दिन रुके, कईयों से मिले

हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेता व पूर्व सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी सूरत आए और दो दिन तक यहीं पर रुके। जोशी के सूरत प्रवास को संघ पदाधिकारी निजी प्रवास बता रहे हैं, लेकिन वे इन दो दिनों में शहर में अलग-अलग क्षेत्र में सक्रिय कई लोगों से मिले हैं। जोशी लगातार 12 साल तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दूसरे शीर्ष सरकार्यवाह पद पर रह चुके हैं और मौजूदा समय में अयोध्या में श्रीराममंदिर निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे हैं। ऐसे में उनके सूरत प्रवास को उत्तरप्रदेश समेत पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर भी राजनीति के जानकार देख रहे हैं।

-चार सौ से अधिक लोगों से दो ही दिन में मिले

सितम्बर के अंतिम दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर सूरत आए थे और इस दौरान उन्होंने चार सौ से अधिक लोगों के साथ छोटी-बड़ी समूह बैठकें की थी। इनमें राजनीतिक क्षेत्र समेत अन्य सभी क्षेत्र के विशेषज्ञ लोग शामिल थे। डॉ. भागवत के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके राममाधव अपनी पुस्तक हिन्दुत्व पैराडाइम के विमोचन कार्यक्रम के सिलसिले में गत 23 अक्टूबर को ही सूरत आए थे। इस दौरान राममाधव भी राजनीतिक समेत अन्य कई क्षेत्र के जानकार लोगों से सूरत में मिले थे।

-उत्तरप्रदेश चुनाव की रहेगी बड़ी भूमिका

राजनीति के जानकारों की मानें तो 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अगले वर्ष उत्तरप्रदेश समेत अन्य पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए बड़े अहम है। संघ व भाजपा नेताओं के मुताबिक भारत बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है और इसे जारी रखने के लिए उत्तरप्रदेश में भाजपा के बहुमत की जरूरत को पूरी करने के उद्देश्य से गुजरात फिर नए तरीके की प्रयोगशाला बन सकता है और उस दिशा में ही यह प्रवास सिलसिला चल रहा है। गौरतलब है कि भाजपा ने गुजरात में संगठन मंत्री का दायित्व भी डेढ़ दशक बाद उत्तरप्रदेश के ही प्रचारक रत्नाकर को सौंपा है।