Surat news: हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी (Ganesh chaturthi) के त्यौहार का खास महत्व है। विघ्नहर्ता गणेश प्रथम पूजनीय देवता हैं। इनकी उपासना करने से सुख, समृद्धि, बुद्धी आदि की प्राप्ति होती है। इसे हर साल बड़ी धूम-धाम और श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। कई दिनों पहले से ही भक्त बप्पा के आगमन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन ढ़ोल नगाडों के साथ स्वागत कर विधि विधान से उन्हें पूजा जाता है।
इस साल 19 सितंबर य़ानि आज य़ह खास त्यौहार मनाया जा रहा है। पूरे देश में जश्न और खुशी का माहौल है। मंगलवार से दस दिवसीय गणपति महोत्सव शुरू हो गया है।
महाराष्ट्र के पुणे और मुंबई के बाद सूरत में गणेश उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। सूरत के भक्त उत्साह और शान के साथ प्रतिमाओं को पंडाल और घरों में लाकर विधिवत पूजने में लगे हैं। हर कोई अपनी क्रिएटिविटी लगा कुछ अलग और अनोखा करने में लगा है।
विघ्नहर्ता के पंडाल को अलग अलग थीम पर बनाने का चलन भी बढ़ गया है। महोत्सव के दौरान शहर के गणेश मंडलों की ओर से विभिन्न सामाजिक-धार्मिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों को करवाने की भी घोषणा की गई है। इस बीच देखते है सूरत की एक भक्त ने क्या मया और कमाल कर दिखाया जिसे लोग इतना पसंद कर रहे हैं।
क्या है खास ?
गुजरात के सूरत में एक महिला कलाकार ने करीब 2655 किलो केमिकल मुक्त साबुन से भगवान गणेश की ईको-फ्रेंडली मूर्ति बनाई है। कलाकार अदिति मित्तल ने बताया वे पिछले छह साल से ऐसी मूर्तियां बना रही है।
ये मूर्ति चंद्रयान की थीम पर बनाई गई है, जिसे तैयार करने में 7 दिन लगे। लोग चंद्रयान की थीम पर बनी इस मूर्ति को काफी पसंद कर रहे हैं।
इसके अलावा जानकारी के मुताबिक शहर में
1. एक लाख से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं कि स्थापना होगी।
2. बीस हजार से अधिक आयोजक मंडल मनाएंगे गणेशोत्सव।
3. विसर्जन के लिए कृतिम तालाब बनाए जाऐंगे।