
कोविड पार्सल स्पेशल ट्रेन में 40 टन ओवरलोडिंग मिलने से हडक़म्प
सूरत.
पोरबंदर, अहमदाबाद से शुरू होने वाली कोविड पार्सल स्पेशल ट्रेन में पार्टियों तथा स्टेशन के बाबुओं की मिलीभगत से पार्सल विभाग को चूना लगाने के चल रहे बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है। विजिलेंस विभाग ने नंदूरबार स्टेशन पर ट्रेन में छापा मारकर लोड हुए पार्सलों के वजन किए तो कम वजन दिखाकर अधिक पार्सल भेजने का खुलासा हुआ है। इस जांच में करीब 40 टन पार्सल अधिक मिले।
पश्चिम रेलवे कोरोना महामारी के समय से ही देश के अलग-अलग शहरों में आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए कोविड पार्सल स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रही है, लेकिन पिछले कुछ समय से कोविड पार्सल स्पेशल ट्रेनों में लोड होने वाले सामान को लेकर अनियमिताएं सामने आ रही थी। विजिलेंस विभाग ने बातमीदार से मिली सूचना के आधार पर पोरबंदर से रवाना हुई और अहमदाबाद होकर जाने वाली कोविड पार्सल स्पेशल ट्रेनों में जांच अभियान छेड़ा। अहमदाबाद स्टेशन पर विजिलेंस विभाग ने 12 फरवरी को छापा मारकर बिना वजन किए गए पार्सलों को पकड़ा था। इसके बाद टीम अलर्ट हो गई और रोजाना जाने वाले कोविड पार्सल स्पेशल ट्रेन की जानकारी जुटाने लगी। विजिलेंस टीम के मिक्की सक्सेना, मनोज यादव, रवि साठे, चंपालाल पाटिल की टीम ने 14 फरवरी को नंदूरबार स्टेशन पर कोविड पार्सल स्पेशल ट्रेन की जांच की। सूत्रों ने बताया कि पूरी ट्रेन का पुन: वजन करने के दौरान करीब 40 टन पार्सल ओवरलोडिंग मिलने से हडक़म्प मच गया।
विजिलेंस टीम ने नंदूरबार स्टेशन से ट्रेन निकलते ही स्पेशल ट्रेन में लोड किए गए सभी पैकेजों का उनके गंतव्य स्टेशनों पर पुन: वजन करवाने के लिए सभी स्टेशनों को सूचित किया। यह कार्रवाई 20 फरवरी को पूरी हुई। अब विजिलेंस ने पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर पश्चिम रेलवे के सीनियर अधिकारियों को सौंपी है। इस मामले में निजी पार्टियों को फायदा पहुंचाने में कई रेलवे कर्मचारियों की मिलीभगत होने की आशंका है। कोविड पार्सल स्पेशल ट्रेन में हुई कार्रवाई से गोरखधंधे में शामिल लोगों ने अपने बचाव के लिए हाथ-पैर मारना शुरू कर दिए हैं। गौरतलब है कि पूर्व में भी कई बार विजिलेंस विभाग की ओर से पार्सलों के वजन की शिकायत मिलने पर जांच की है और केस दर्ज किए हैं। अधिक वजन के लिए विभिन्न पार्टियों पर लाखों रुपए की पेनल्टी भी लगाई गई है, लेकिन रेलवे कर्मचारी ही पार्टियों को फायदा पहुंचाने के साथ-साथ अपने निजी लाभ के लिए दलाल-मार्फतियों से मिलकर पूरे घोटाले को अंजाम देते हैं।
पार्टियां भी बाबुओं को खुश करती है
अहमदाबाद स्टेशन पर बिना वजन किए कोविड पार्सल स्पेशल के लिए बुक पार्सल मिलने की जांच अभी जारी है। सूत्रों ने बताया कि यह पूरा खेल पार्टियों और पार्सल विभाग के बाबुओं की मिलीभगत से हो रहा है। इसमें रेलवे रसीद पर पैकेजों का वजन कम लिखकर भाड़ा कम लगाया जाता है। इसका सीधा लाभ पार्टियों को होता है। पार्टियों द्वारा रेलवे के बाबुओं को अलग से खुश करने की जिम्मेदारी होती है। इसकी पुष्टि करने के लिए पूरी ट्रेन का पुन: वजन करवाया गया, जिसमे पैकेजों का वजन अधिक पाया गया।
ढुलाई से 259 करोड़ की आय
पश्चिम रेलवे ने नीतियों में व्यापक बदलाव और विभिन्न क्षेत्रों में आक्रमक विपणन प्रयासों से राजस्व में निरंतर वृद्धि हासिल कर रही है। अलग-अलग स्टेशनों से चलाई गई कोविड पार्सल स्पेशल ट्रेनों से पार्सल और सामान ढुलाई से करीब 259 करोड़ आय हुई हैं। मुंबई डिविजन ने पार्सल राजस्व में पहली बार 100 करोड़ के आंकड़े को पार किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत अधिक है। साथ ही माल ढुलाई क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में 62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
Published on:
24 Feb 2022 12:30 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
