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हमसफर का साथ मिलेगा तो लौटेगी रौनक

वासोणा लॉयन सफारी में छह माह पहले नर शेर महीन की मौत हो गई थी

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हमसफर का साथ मिलेगा तो लौटेगी रौनक

सिलवासा.
सिलवासा के निकट वासोणा लॉयन सफारी में जीवन बिता रही दो शेरनियों के एकांत को दूर करने के लिए वन विभाग जल्द दो नए शेर लाएगा। इससे लॉयन सफारी की रोनक एक बार फिर से बढ़ जाएगी। हालांकि नर शेर के अभाव में भी वासोणा लॉयन सफारी के प्रति पर्यटकों का मोह कम नहीं हुआ है।
वासोणा लॉयन सफारी में छह माह पहले नर शेर महीन की मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों शेरनी गिरिजा और सोनल एकाकी जीवन बिताने लगी। 20 वर्षीय सोनल तो वैसे भी बुजुर्गावस्था में है और पर्यटकों के रोमांच व मनोरंजन के लिहाज से उसमें क्षमता नहीं है।
फिर भी रौनक घटी नहीं
वासोणा लॉयन सफारी में शेर-शेरनियों की दहाड़ सुनने व उन्हें घूमते-फिरते देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं और वहां आकर्षण का केन्द्र बना है।
नए शेर लाने की है योजना
&पंद्रह वर्ष पूर्व बनाए वासोणा लॉयन सफारी के प्रति पर्यटकों का आकर्षण बनाए रखने के लिए दो नए शेर लाए जाने की योजना चल रही है। महीन को तीन वर्ष पहले लाया गया था, उसके जाने के बाद नए शेर-शेरनी गिरिजा के साथ व पर्यटन के लिहाज से जरूरी हो गए हैं।
विजय पटेल, वन्यजीव अधिकारी

बारडोली क्षेत्र के सहकारी नेताओं के निधन से शोक
. बारडोली शुगर मिल के डायरेक्टर भरतभाई मोरारभाई भक्त और बारडोली तालुका खरीद-बिक्री मंडली के पूर्व उपप्रमुख मगनभाई रणछोड़भाई पटेल का निधन होने से बारडोली के सहकारी क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
बारडोली शुगर मिल के डायरेक्टर भरतभाई भक्त अमरीका के प्रवास पर थे, जहां रविवार को उनको दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। वे बारडोली शुगर मिल की ओरणा सीट से व्यवस्थापक समिति के सदस्य थे, जबकि कामरेज और बारडोली क्षेत्र की विभिन्न सहकारी तथा शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े हुए थे। मगनभाई पटेल पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार को उनका बीमारी के कारण निधन हो गया। उनके पैतृक गांव वराड से निकली अंतिम यात्रा में सामाजिक, राजनीतिक, सहकारी एवं शैक्षणिक संस्थाओं के अग्रणी बड़ी संख्या में शामिल हुए। मगनभाई बारडोली खरीद-बिक्री सहकारी मंडली में वर्षों से उपप्रमुख के तौर पर कार्यरत थे। पिछले दिनों हुए चुनाव में तबीयत खराब होने से उन्होंने नामांकन-पत्र नहीं भरा था। मगनभाई भी सूरत जिले की कई सहकारी और शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े थे। दोनों के निधन पर सहकारी क्षेत्र में शोक व्याप्त है। बारडोली शुगर मिल के चेयरमैन रमण पटेल ने कहा कि एक साथ दो सहकारी नेता को खो देने से बारडोली के सहकारी क्षेत्र को बड़ा नुकसान हुआ है। उनकी हमेशा कमी महसूस होगी। उधर, बारडोली खरीद-बिक्री मंडली और सूरत जिला सहकारी संघ के प्रमुख भिखा पटेल ने कहा कि बारडोली ने आदर्श, सेवाभावी व्यक्ति को खो दिया।