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Sandwich Day Special कितना जानते हैं आप सैंडविच के बारे में?

history of sandwiches आज सैंडविच डे है, अंग्रेज डबलरोटी लाए थे भारत में, उसके बाद से यहां भी बनने लगी सैंडविच, भोजन के प्राचीन उत्पादों में से एक है सैंडविच

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सूरत

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Vineet Sharma

Nov 02, 2019

history of sandwiches कितना जानते हैं आप सैंडविच के बारे में?

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विनीत शर्मा

सूरत. हम सभी सैंडविच बड़े स्वाद से खाते हैं, लेकिन यह शायद ही किसी को पता हो कि सैंडविच कब और कहां से कैसे आई। आम भाषा में कहें तो सैंडविच एक ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिसमें अक्सर दो या दो से अधिक ब्रेड के स्लाइस होते हैं और इनके बीच में कुछ भरा होता है। इसके अलावा टॉपिंग्स के साथ ब्रेड का एक स्लाइस होता है, जिसे सामान्यत: ओपन सैंडविच कहते हैं।

यह है खास आपके लिएsandwiches around the world जानें स्थानीय शैलियों में कैसी होती है सैंडविच?

सैंडविच एक ऐसा लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है, जिसका सेवन पैक किए हुए भोजन के हिस्से के रूप में किया जाता है। आमतौर पर इसे कार्यस्थल, या स्कूल, या पिकनिक पर ले जाया जाता है। सैंडविच को शाकाहार और मांसाहार दोनों तरीकों से तैयार किया जा सकता है। आम तौर पर उसमें सलाद वेजीटेबल्स, मांस, पनीर, कई प्रकार के सॉस आदि का एक संयोजन शामिल होता है। इन्हें रेस्तरां और कैफे में व्यापक रूप से बेचा जाता है।

यह है इतिहास

नवपाषाण काल से ही मांस या सब्जियों के साथ ब्रेड का सेवन किया जाता रहा है। मध्य युग के दौरान अनाज की मोटी पट्टी और सामान्य बासी रोटी का इस्तेमाल प्लेटों के रूप में किया जाता था, जिसे "ट्रेन्चर्स" कहा जाता था। ट्रेन्चर, ओपन-फेस सैंडविच के पूर्व लक्षण थे। शुरू में कथित रूप से जुआ खेलने और शराब पीने के साथ का एक खाद्य पदार्थ माना जाता था। धीरे-धारे सैंडविच अभिजात वर्ग के रूप में सभ्य समाज के बीच देर रात के भोजन के रूप में दिखाई देने लगा। 19वीं सदी के दौरान जब एक औद्योगिक समाज का उत्थान हुआ तब स्पेन और इंग्लैंड में सैंडविच की लोकप्रियता नाटकीय रूप से बढ़ी और श्रमिक वर्ग ने तेज, पोर्टेबल और आवश्यक सस्ता भोजन के रूप में इसे ग्रहण किया। इसी समय में अंतत: यूरोप के बाहर भी सैंडविच का प्रचलन शुरू हो गया। संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे पहले रात्री भोजन के रूप में सैंडविच का प्रसार किया गया। 20वीं शताब्दी की शुरुआत तक यह दुनियाभर में पहुंच गया।

भारत में ऐसे आया

अंग्रेजों को सैंडविच को भारत में लाने का श्रेय दिया जा सकता है। अंग्रेजों ने सबसे पहले भारत में सैंडविच की शुरूआत की जिसे भारतीय मोटे तौर पर डबल रोटी (डब्ल रोटी) कहते थे। यह शब्द आज ख़मीरवाली रोटी के सभी प्रकारों के लिए, यहां तक कि उसमें सैंडविच तत्व नहीं होने के बावजूद, एक व्यापक शब्द बन गया है।

वडा पाव व बर्गर भी सैंडविच जैसा ही

दरअसल सैंडविच दो ब्रैड पीस के बीच कुछ भरकर खाए जाने वाले पदार्थ के रूप में जाना जाता है। वडा पाव और बर्गर को भी सैंडविच का ही ज्यादा सुधरा हुआ रूप कहा जा सकता है। सैंडविच में कुछ भी भरकर खाया जा सकता है, जबकि बर्गर में टिक्की और वडा पाव में बेसन का वडा दो ब्रैड (पाव) के बीच रखकर खाया जाता है।